संवाद न्यूज एजेंसी
खतौली। आवास विकास काॅलोनी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन कथा व्यास गंगोत्री तिवारी मृदुल महाराज ने कुंती प्रसंग श्रवण करते हुए कहा कि अक्सर जब हम सुखी होते हैं तो भगवान को भूल जाते हैं। दुख में बरबस भगवान को याद करते हैं। भगवान की भक्ति भय से नहीं भाव से करनी चाहिए।
कथा व्यास ने कहा कि कुछ लोग भाव से भगवान को याद करते हैं तो कुछ लोग भय से याद करते हैं। भगवान की भक्ति भय से नहीं भाव से करनी चाहिए। जैसे ध्रुव, मीरा, सूरदास व तुलसीदास ने किया और भगवान को पाया। सांसारिक वासना हमें प्रायः कष्ट प्रदान करने हैं और ठाकुर जी की उपासना हमारे जीवन में आनन्द की अनुभूति कराती है। येन-केन प्रकारेण हमारे जीवन का लक्ष्य भगवत प्राप्ति होना चाहिए।
इस अवसर पर महाराज ने मीरा जी, सूरदास के भाव जब प्रगट किए तो श्रद्धालु भावुक हो मंत्रमुग्ध गए। इस अवसर पर ओमपाल धामा, शकुन्तला धामा ने सपरिवार कथा व्यास का सम्मान कर भागवत पोथी का पूजन किया। रमेश गुप्ता, मानसी गुप्ता, पूजा, आरती, संगीता, दीपक सिंह, राजीव धामा आदि उपस्थित रहे।