मुजफ्फरनगर जनपद के एक गांव एक निवासी युवती ने शनिवार शाम घेर के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी भेज दिया है। परिजनों का कहना है कि युवती के साथ करीब चार साल पूर्व सगे मामा द्वारा दौराला क्षेत्र में दुष्कर्म किया गया था, जिसे लेकर वह तभी से तनाव में थी। पुलिस ने दुष्कर्म की जानकारी होने से इंकार करते हुए कई बिंदुओं पर जांच शुरू की है।
छपार थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी ग्रामीण गांव में ही परचून की दुकान करता है। शनिवार शाम उसकी पत्नी खेत पर चारा लेने गई थी। शाम को वह चारा लेकर घेर में पहुंची तो वहां उसकी बेटी (21) का शव कमरे में बांस पर लगे फांसी के फंदे से लटका मिला। महिला की चीख सुनकर ग्रामीण व परिजन मौके पर पहुंचे और युवती को नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी सांसे थम चुकी थीं।
सूचना पर सीओ सदर कुलदीप सिंह व इंस्पेक्टर एचएन सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। जिला मुख्यालय से फोरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाकर साक्ष्य संकलित किए गए। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी भेज दिया।
एसपी सिटी सतपाल आंतिल का कहना है कि पूछताछ में परिजनों ने बताया कि करीब चार साल पूर्व युवती मेरठ के दौराला क्षेत्र में स्थित ननिहाल गई थी, जहां सगे मामा ने उसके साथ दुष्कर्म किया था। रिश्तेदारी का मामला होने से दोनों पक्षों में समझौता हो गया था, जिसके चलते घटना की तहरीर नहीं दी गई थी।
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परिजनों का दावा है कि तभी से वह तनाव में रहने लगी थी और इसी के चलते उसने आत्महत्या की है। युवती के एक हाथ पर दुष्कर्म करने वाले मामा का नाम लिखे जाने की चर्चाएं रहीं, लेकिन इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी।
इन्होंने कहा
एसएसपी अभिषेक यादव ने बताया कि परिजनों का कहना है कि युवती के साथ करीब चार साल पूर्व दुष्कर्म हुआ था, लेकिन इसकी जानकारी पुलिस को नहीं दी गई थी। कई बिंदुओं को जांच में शामिल किया गया है, जिसके बाद जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।