‘उठो, जागो और ध्येय की प्राप्ति तक मत रुको’
मुजफ्फरनगर। लाला जगदीश प्रसाद सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में पुरातन छात्र परिषद के तत्वावधान में स्वामी विवेकानंद की 157वीं जयंती हर्षोल्लास से मनाई गई। छात्र-छात्राओं से स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया गया।
इस कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाचार्य सतीश उपाध्याय एवं पुरातन छात्र परिषद के पदाधिकारियों ने मां शारदा एवं स्वामी विवेकानंद के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर किया। प्रधानाचार्य ने कहा कि स्वामी विवेकानंद वेदांत के विख्यात एवं प्रभावशाली आध्यात्मिक गुरु थे। छात्रों से अपील की कि वे स्वामी विवकानंद के अनमोल वचन ‘‘उठो, जागो और ध्येय की प्राप्ति तक मत रुको’ का पूर्णत: पालन करें। खुद पर भरोसा रखें, अडिग रहें और मजबूत बनें, आज हमें इसकी ही आवश्यकता है। आचार्य राज कमल वर्मा ने स्वामी जी के जीवन चरित्र पर प्रकाश डाला। कहा कि वह अपने धार्मिक व आध्यात्मिक संशयों के निवारण के लिए अनेक लोगों से मिले, लेकिन कहीं भी इन्हें अपनी शंकाओं का समाधान न मिला। बाद में स्वामी रामकृष्ण परमहंस के संपर्क में आए और उनके शिष्य बन गए। इन्होंने योग और वेदांत को पश्चिम संस्कृति में प्रचलित करने के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। शिकागो में 1893 में आयोजित विश्व धर्म महासभा में भारत की ओर से सनातन धर्म का प्रतिनिधित्व किया था। भारत का वेदांत अमेरिका और यूरोप के हर एक देश में स्वामी विवेकानंद के कारण ही पहुंचा। इस अवसर पर विद्यालय के छात्र अनमोल धीमान, पुरातन छात्र परिषद के अध्यक्ष शलभ गर्ग एडवोकेट, सचिव अतुल अग्रवाल सीए, कोषाध्यक्ष अमित संगल, कपिल बसंल, राज कमल वर्मा, आचार्य महेश कुमार, राजीव शर्मा ने स्वामी विवेकानंद से जुड़े विभिन्न संस्मरण एवं प्रेरक प्रसंग सुनाए। प्रधानाचार्य ने छात्र विक्रांत सिंह को सम्मानित किया।