मोरना के शुक्रताल के हनुमत धाम में साप्ताहिक भागवत में शुक्रवार को अमृत वर्षा हुई। महामंलेश्वर आचार्य अवधेशानंद महाराज ने कहा कि झुकने से मानव को सम्मान मिलता है। ऐसा करने वाला मनुष्य बड़ा बन जाता है। हनुमत धाम की नक्षत्र वाटिका अवधेशानंद महाराज ने कहा कि मनुष्य की मृत्यु निश्चित है।
भारत देश की संस्कृति दुनिया में विशाल है। पदार्थ, वस्तुएं, अधिकार पर मनुष्य को जोर रहता है, भक्ति इन सभी को प्रसाद बनाती है। प्रसाद बांटा जाता है, भोगा नहीं जाता। शास्त्र पढ़कर भाषा सुधरती है। हमें प्रयास करना चाहिए कि श्रेष्ठ जीवन बनाएं, जिससे देवता भी ईर्ष्या करें।
अच्छे कार्य करने का जनून होना चाहिए। दान से गति, प्रसन्नता और यश मिलता है। जीवन यज्ञ का बड़ा महत्व है। जन्म से मृत्यु तक यज्ञ ही होता है। अहंकार उपद्रव करता है और अधिकार रक्षा करता है। अहंकार को स्थिर कर जीवन की रक्षा करना हमारा लक्ष्य होना चाहिए।
इस अवसर पर हनुमत धाम के स्वामी केशवानंद महाराज, स्वामी गीतानंद महाराज, स्वामी कुलभूषण महाराज सहित साधु-संत, महात्माओं और दूरदराज से आए श्रद्धालुओं ने भागवत कथा सुनकर धर्म लाभ उठाया।