फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बगैर चहारदीवारी के गोशाला पड़ी है बेकार

विज्ञापन
28द्वठ्ठद्दष्द्ध01 एवं 01ड्ड, 01ड्ढ-चरथावल के बधाई कलां में वीरान पड़ी करोड़ो से बनी गौशाला - फोटो : MUZAFFARNAGAR
विज्ञापन
बगैर चहारदीवारी के गोशाला पड़ी है बेकार
विज्ञापन

चरथावल। ब्लॉक के बधाई कलां गांव में गोशाला के लिए बिल्डिंग खड़ी कर दी गई, लेकिन चहारदीवारी नहीं बनाई गई। महीनों पहले गोशाला बन जाने के बावजूद इसमें एक भी गोवंश नहीं रखा गया। ग्राम प्रधान ने बिना चहारदीवारी गोशाला को सुपुर्दगी में लेने से इंकार कर दिया है। उनका कहना है कि गोशाला से पशुओं को भागने का डर है।
ब्लॉक के बधाई कलां गांव में राजस्व राज्यमंत्री विजय कश्यप के प्रयास से 200 पशुओं की क्षमता वाली गोशाला का निर्माण शुरू कराया गया था। गोशाला की लागत 1.20 करोड़ रुपये आई। सीएम योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी योजना के तहत गोशाला में 50-50 गोवंश के लिए पानी और चारा आदि की व्यवस्था को चार टिन शेड तैयार किए गए, लेकिन चहारदीवारी नहीं कराई गई। तीन दिशाओं में बांस लगाकर अवरोध बनाए गए हैं। चहारदीवारी नहीं बनने से ग्राम प्रधान सचिन मलिक गोशाला को सुपुर्दगी में नहीं ले रहे हैं। उनका कहना है कि बिना चहारदीवारी के गोवंश को गोशाला में नहीं रोका जा सकता। यदि वे भाग गए तो जिम्मेदारी कौन लेगा। गोशाला का संचालन नहीं होने से बधाई कलां, होशियारपुर आदि के जंगलों में निराश्रित गोवंश फसलों को चौपट कर रहे हैं। किसान पिंकी मलिक, हरपाल सिंह, विजय पाल सिंह आदि गोशाला का संचालन शुरू कराने की मांग कर रहे हैं।
विज्ञापन

इनसेट
रोहाना। क्षेत्र की बहेड़ी, रोहाना कलां और रोहाना खुर्द ग्राम पंचायतों में निराश्रित पशुओं के रखने के लिए सिंचाई विभाग की जमीन पर अस्थायी गोशाला का निर्माण कराया गया था। शासन से बजट नहीं मिलने के कारण पशुओं को भर पेट चारा आदि नहीं मिल पा रहा है। ग्राम प्रधान दिलशाद ने बताया कि निजी खर्चे से ढाई हजार रुपये के अगोले खरीदे जा रहे हैं। प्रशासन से आर्थिक सहायता के स्थान पर सिर्फ आश्वासन मिल रहा है।
विज्ञापन

इन्होंने कहा...
- गोशाला के चारों और पक्की चहारदीवारी नहीं बनाने से पशुओं के भागने का खतरा रहेगा। इसी वजह से गोशाला सुपुर्दगी में नहीं ली गई है।
- सचिन मलिक, ग्राम प्रधान, बधाई कला।
---
- गोशाला का निर्माण पूरा करा दिया गया है। चहारदीवारी मानचित्र में मंजूर नहीं है। संचालन ग्राम पंचायत को करना है। पशुपालन विभाग की तरफ से गोशाला पूरी तैयार है।
-डा. अमरदीप सिंह, पशु चिकित्साधिकारी, चरथावल।
- गोशाला का नक्शा शासन ने स्वीकृत है। इसमें चहारदीवारी नहीं है। बांस की बाड़ लगा दी गई है। ग्राम प्रधान को गोशाला का संचालन करना है।
- डा. नरेंद्र शर्मा, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें