शहर में कूड़े के डलावघर देखने पहूंची चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप : स्वयं
मुजफ्फरनगर। स्वच्छता रैंकिंग में शहर पालिका ने पिछले सालों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन करते हुए राज्य स्तर पर 46वीं रैंक हासिल की। इंदौर की तर्ज पर शहर को स्वच्छ बनाने का प्रयास हुआ, लेकिन कूड़ा निस्तारण ने सुधरती रैंक की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। कंपनियां बदल गई, लेकिन कूड़ा निस्तारण की समस्या लगातार बनी रही। चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने भविष्य के लिए फिर प्रयास शुरू करते हुए शुक्रवार को आठ डलावघरों को बंद करा दिया है।
चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने शुक्रवार को शहर का सबसे बड़ा कूड़ा डलावघर जिला अस्पताल लद्दावाला बंद करवा दिया। लोगों को राहत मिलेगी। कंपनी जेएस एनवायरो सर्विसेज लिमिटेड के सहयोग से आठ डलावघर पूरी तरह से बंद कर दिए हैं। लद्दावाला, मेरठ रोड सिटी सेंटर, डीएम आवास के पास, कमला फार्म लिंक रोड गांधी कॉलोनी, भोपा पुल रेलवे लाइन के पास, रामलीला टिल्ला, ईदगाह के सामने प्रेमपुरी आदि स्थान शामिल हैं।
पालिकाध्यक्ष ने कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर नितेश चौधरी को डलावघरों की सतत निगरानी के निर्देश दिए हैं। उधर, सार्वजनिक शौचालय की सफाई में सिर्फ 64 प्रतिशत अंक मिले। घरों से एकत्र कूड़े को भी अलग-अलग करने में पालिका का प्रदर्शन सामान्य रहा।
खतौली पालिका को राज्य स्तर पर 61वीं रैंक हासिल हुई है। तालाब की सफाई के कार्येां में पालिका को अंक नहीं मिले। बाजार की सफाई में शत प्रतिशत अंक लिए। जबकि कूड़ा निस्तारण में सिर्फ 18 प्रतिशत अंक ही मिल सके। भोकरहेड़ी नगर पंचायत का सबसे खराब प्रदर्शन बाजार की सफाई को लेकर रहा। सफाई व्यवस्था खराब मिली। इसके अलावा घरों से कूड़ा कलेक्शन भी सिर्फ 33 प्रतिशत मिला। कूड़ा निस्तारण में भी सिर्फ 17 प्रतिशत अंक मिले। राज्य स्तर पर 297वीं रैंक हासिल हुई।