मोरना में किसानों को जैविक खेती के बारे में जानकारी देते निर्वाल
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गंगा किनारे वाले किसान करें जैविक खेती : डॉ. वीरपाल
मुजफ्फरनगर, मोरना। नमामि गंगे जैविक परियोजना के अंतर्गत चयनित सभी सदस्यों का प्रशिक्षण कार्यक्रम किया गया। जिसमें किसानों को जैविक खेती के बारे में जानकारी दी गई।
तीर्थ नगरी शुकतीर्थ के गेस्ट हाउस के मीटिंग हॉल में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि नमामि गंगे के सह संयोजक डॉ. वीरपाल निर्वाल ने कहा कि गंगा किनारे बसे किसान जैविक खेती कर पुण्य कमाएं। क्योंकि गंगा किनारे खेती कर रहे किसान खेतों में अधिक पेस्टिसाइड डालकर गंगा को स्वच्छ रखने वाले जंतुओं को मार देते हैं। जिससे गंगा दूषित हो जाती है। जैविक खेती करने से किसानों को बहुत लाभ होगा। जिससे किसानों के परिवार सहित अन्य लोग भी बीमारी से बच सकेंगे। इसके अलावा उन्होंने सरकार द्वारा बनाए गए कृषि कानून के बारे में जानकारी दी। बताया कि किसान केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए कृषि कानून को गलत ना समझें। सरकार द्वारा जो कृषि कानून बनाया गया है उसका फायदा किसानों को तीन साल के बाद खुद पता चल जाएगा। ये कानून किसान विरोधी नहीं है, वह किसान के लिए आने वाले समय में अच्छा साबित होगा।
कार्यक्रम में डॉ. जेपी शर्मा ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार द्वारा जैविक खेती करने के लिए एक कार्यक्रम चलाया गया है। जिसमें मोरना ब्लॉक के पांच जानसठ ब्लॉक के नौ गांव संचालित किए गए हैं। जिसमें इन पांच गांव के किसान जैविक खेती कर सकेंगे। जिसके लिए सरकार प्रत्येक किसान को 62 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की धनराशि देगी। जिसमें किसान बीज व अन्य खाद सामग्री तैयार कर जैविक खेती कर सकते हैं। मौके पर वीरपाल सहरावत मंडल प्रभारी भाजपा, विजय राठी ग्राम प्रधान, सुशील शर्मा, मनोहर लाल, यशपाल सिंह, प्रदीप निर्वाल सहित लवकुश मिश्रा, दिलीप कुमार, राजदीप, संदीप सैनी आदि सहित किसान मौजूद रहे।