भागवत उद्गम स्थल शुक्रताल में गंगा कार्तिक मेले में दिन प्रतिदिन श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी होती जा रही है। नगर में भवनों, मंदिरों आदि सजावट की भव्यता देखते ही बनती है। मंदिरों के पुरोहितों और विद्यार्थियों के श्रीमुख से निकले भारतीय संस्कृति के प्रतीक वैदिक मंत्रोच्चारण की गूंज आभा मंडल से कानों में सुनाई पड़ते हैं। श्रद्धालु गंगा मां में डुबकी लगाकर परिवारों के साथ पूजा अर्चना कर रहे हैं।
प्राचीन मेले में अब नगर में खाली पड़ा सैकड़ों बीघा क्षेत्रफल भक्तों की बढ़ती तादात से कम नजर आने लगा है। मेले में दो दिनों में लाखों की भीड़ जुटने की आशंका के चलते पुलिस प्रशासन सुलभ मार्ग बनाने के लिए योजना बनाने में जुटा हुआ है। मुख्य स्नान चार नवंबर को आधी रात से शुरू हो जाएगा. जिसके लिए मुख्य गंगा मार्ग पर यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है।
नगर के विभिन्न मंदिरों को लाइटों से सजाकर रात के अंधेरे को दिन की रोशनी मे तब्दील करने की व्यवस्थाओं ने मेले के आयोजन में चार चांद लगा दिए हैं. जिसका श्रेय स्वामी ओमानंद महाराज, स्वामी गुरुदत्त महाराज, स्वामी केशवानंद, स्वामी वेददास महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी गोपालाचार्य, स्वामी महेश्वर आश्रम महाराज, स्वामी उत्तम गिरि महाराज, स्वामी गीतानंद गिरि महाराज, स्वामी महानंद महाराज, स्वामी भजनानंद महाराज, स्वामी अयोध्या प्रसाद महाराज, साध्वी माता राजनंदेश्वरी, कांता बहन जी, स्वामी सत्यानंद महाराज आदि को है।
मेले में आए महाराष्ट्र के श्रद्धालुओं ने भागवत कथा से पूर्व नगर में कलश यात्राओं को निकाला। मोदीनगर से आए श्रद्धालुओं ने स्नान कर पूजा अर्चना की। सुरक्षा की दृष्टि को लेकर डॉग स्क्वॉड टीम ने मेला ग्राउंड, मीना बाजार, गंगा घाट मंदिरों और मुख्य चौराहों आदि पर सर्च अभियान चलाया।
एसपी क्राइम ने लिया सुरक्षा व्यवस्था का जायजा
एसपी क्राइम रामभवन चौरसिया ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। बताया कि ड्रोन कैमरे की निगरानी में मेले की सुरक्षा की जाएगी। मेले को चार जोन में बांटा गया है। मेले में क्राइम ब्रांच की टीम को भी लगाया गया है। भोपा सीओ रिजवान अहमद ने बताया कि मेले में लगाई गई पुलिस ड्यूटी पर करीब दो दर्जन लोग नदारद मिले हैं, जिनके विरुद्ध रिपोर्ट बनाकर शासन को भेज दी गई है।
गुरुकुल के विद्यार्थियों ने दिखाए करतब
मोरना। शुक्रताल के गुरुकुल आश्रम में चल रहे वार्षिक कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने योग क्रियाओं का प्रदर्शन किया। गुरुकुल आश्रम में स्वामी आनंद वेश महाराज के सानिध्य में कार्यक्रम हुए। आश्रम में विद्यार्थियों ने आग के गोले के बीच से जंप लगाकर लोगों को अचंभित कर दिया।
मवाना के गौरवपाल, प्रशांत अलीगढ़, मनीष बुलंदशहर आदि ने अपनी उत्कृष्ट प्रतिभा का प्रदर्शन किया। वहीं रस्से में चरथावल के सिद्वार्थ, गोरवपाल, सचिन आदि ने अपने जौहर दिखाए। इस मौके पर प्रधानाचार्य प्रेम शकंर मिश्रा, इंद्रपाल राणा, आचार्य यज्ञबीर सिंह, आचार्य विकास, आचार्य यशबीर, आचार्य राणा शास्त्री ने उपस्थित रहे।
मेले भारतीय संस्कृति के सजीव दर्पण: ओमानंद
मोरना। भागवत पीठ श्री शुकदेव आश्रम शुक्रताल में यज्ञ के साथ पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद जी महाराज ने कार्तिक गंगा स्नान मेले का शुभारंभ किया। स्वामी ने कहा कि मेले भारतीय संस्कृति के सजीव दर्पण हैं। मेलों से आपसी भाईचारा और सहिष्णुता बढ़ती हैं। मेले में विभिन्न संस्क्रति के दर्शन होते हैं। उत्सव आपसी भाईचारे के साथ मनाए।
गंगा स्नान मेले का शुभारंभ
मोरना। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सबसे प्राचीन तीर्थस्थल शुक्रताल में जिला पंचायत द्वारा आयोजित कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर लगने वाले गंगा स्नान मेले का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्षा आंचल तोमर ने किया। मेले के शुभारंभ पर शुक्रताल के प्राचीनतम धाम शुकदेव आश्रम में पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद ने हवन में पूर्ण आहुति दी। इसके उपरांत गंगा घाट पर मां गंगा की महाआरती का आयोजन किया गया। भारी संख्या में साधु, संतों व जनप्रतिनिधि और भक्तों ने भाग लिया।
पुलिस प्रशासन ने मेले की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर डॉग स्क्वॉड के साथ चेकिंग अभियान चलाया तथा नगर के मुख्य मार्गों पर फ्लैग मार्च किया। एसपी क्राइम रामभवन चौरसिया, सीओ भोपा मोहम्मद रिजवान, सीओ फुगाना कालू सिंह ने मेले की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। वहीं. देर शाम शुक्रताल पहुंचे पूर्व केंद्रीय मंत्री व सांसद डा. संजीव बालियान ने महाआरती में भाग लिया तथा मेले की व्यवस्था के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली। इस अवसर पर सुशील शर्मा, नीरज रायल, प्रेमशंकर मिश्रा, डॉ. आरडी गौड़, महकार सिंह आदि उपस्थित रहे।