कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान मेले में आए तीर्थ यात्रियों में पर्व का उल्लास दिखने लगा है। मुख्य गंगा स्नान 14 नवंबर को है। ग्रामीण अंचल और दूरदराज के जिलों से श्रद्धालु पौराणिक तीर्थ में पहुंच रहे हैं। भागवत पीठ श्रीशुकदेव आश्रम में भागवतकथा की अमृत वर्षा हो रही है।
धार्मिक नगरी में श्रद्धा, भक्ति और आस्था में लीन तीर्थ यात्री पुण्य की कामना के लिए पहुंच रहे हैं। तीर्थ के मंदिरों, धाम और धर्मशालाओं में श्रद्धालु पूजा अर्चना तथा धार्मिक अनुष्ठान में जुटे हैं। तीर्थ यात्रियों ने अक्षय वट वृक्ष की परिक्रमा कर श्रीशुकदेव मंदिर के दर्शन किए। वीतराग स्वामी कल्याणदेव जी महाराज के समाधि मंदिर में भक्तों का तांता रहा। हनुमतधाम, गणेशधाम, दुर्गाधाम, शिवधाम आदि में दर्शनों के लिए भीड़ रही।
मुख्य कार्तिक गंगा स्नान 14 नवंबर को है। जिले के गांवों से श्रद्धालु मेले में पहुंचकर उत्साहित दिखाई दिए। मुंबई और रतलाम से आए भागवत भक्तों ने गंगा घाट पर शिव पूजा और दीपदान किया। अपर मुख्य अधिकारी डॉ नूतन शर्मा ने बताया कि शनिवार को मेले का विधिवत उद्घाटन जिला पंचायत अध्यक्ष आंचल करेगी। श्रीशुकदेव आश्रम में पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद सरस्वती के सानिध्य में यज्ञ आयोजित किया जाएगा। यज्ञ के उपरांत गंगा घाट पर पूजन के बाद मेले का शुभारंभ होगा।
नहीं हटे कूडे़ के ढेर, पेयजल की किल्लत
शुक्रताल। जिला पंचायत ने मेले के लिए 17 लाख का बजट निर्धारित किया है। बजट के बाद भी गंगा घाट के आस-पास कूडे़ के ढेर लगे हैं। सड़क मार्गों के दोनों ओर उगी घास कट नहीं पाई, जिसकी वजह से मच्छरों और कीट पतंगों से जीना दूभर है। कारगिल शहीद स्मारक और शुकदेव सेतु के पास कूड़ा फैला हुआ है। अबकी बार मेले में पेयजल आपूर्ति के लिए सरकारी हैंडपंप भी लगाए नहीं गए हैं। हजारों श्रद्धालुओं के लिए केवल दो नल की व्यवस्था की गई है। तीर्थ यात्रियों का कहना है कि पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था जरूरी है।
जमे डेरे, व्यवस्था में जुटी महिलाएं
शुक्रताल। गंगा तट इलाके में पहुंचने वाले ग्रामीणों ने बुग्गियों और ट्रैक्टर-ट्रालियों के सहारे तंबू लगा लिए हैं। बच्चों और महिलाओं के अलावा ग्रामीण मेले का आनंद उठा रहे हैं। उमा, छवि, शालू, रविता, अर्जुन, सुनील, ओमपाल आदि ने बताया कि कई वर्षो से गंगा मेले में आते हैं। महिलाओं ने भोजन की व्यवस्था संभाल रखी है। दूधाहेडी से आए रामबीर, जयपाल सिंह, सुदेशपाल, मिंटू राठी ने कहा कि मेले हमारी संस्कृति के प्रतीक हैं। राजपुर कलां से आए सतीश रावल, ब्रहमपाल, इंद्रपाल सिंह, माधव सिंह, सुमित ने कहा कि गंगा स्नान मेले में पहले अधिक श्रद्धालु आते थे।
एसपी देहात ने ली पुलिस की बैठक
शुक्रताल। पंजाबी धर्मशाला में एसपी देहात विनीत भटनागर ने पुलिस कर्मियों की बैठक ली। गंगा घाट पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा, तीर्थ के मंदिर मार्गों पर चौकसी और तीर्थ यात्रियों के साथ सद्व्यवहार के लिए पुलिस को निर्देशित किया गया। मेला प्रभारी सतीशचंद त्यागी, भोपा एसओ योगेश शर्मा के नेतृत्व मेें चेकिंग अभियान भी चला।
कृषि प्रदर्शनी के स्टाल खाली
शुक्रताल। मेले में लगाई गई जिला कृषि प्रदर्शनी के स्टाल खाली नजर आए। गन्ना विकास परिषद मोरना को छोड़कर स्वास्थ्य विभाग, पशुपाल विभाग, कृषि रक्षा और किसान हित से जुडी योजनाओं के लिए कोई कर्मचारी अभी अपने स्टालों पर नहीं पहुंचा है।