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गंगा एक्सप्रेस वे को शुकतीर्थ से जोड़ने की मांग

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शुकतीर्थ को गंगा हाईवे से जोडनें की मांग को लेकर ज्ञापन दते शुकतीर्थ के साधु संत। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
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गंगा एक्सप्रेस वे को शुकतीर्थ से जोड़ने की वकालत
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मुजफ्फरनगर। पौराणिक शुकतीर्थ के संत-महात्माओं ने गंगा एक्सप्रेस वे को महाभारतकालीन धार्मिक नगरी से जोड़ने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन एडीएम प्रशासन को दिया। जिला मुख्यालय पर पहुंचे शुकतीर्थ के संतों ने कहा कि हरिद्वार से वाया लक्सर, शुकतीर्थ और हस्तिनापर से मेरठ होते हुए वाराणसी तक गंगा एक्सप्रेस वे का निर्माण कराए जाने से वेस्ट यूपी में प्राचीन धार्मिक केंद्रों का विकास होगा।
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हरिद्वार से वाराणसी को जोड़ने वाले गंगा एक्सप्रेस-वे की योजना से जिले के पौराणिक शुकतीर्थ को जोड़ने की मांग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की गई है। भागवत पीठ शुकदेव आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद महाराज, श्री दंडी आश्रम समिति के संचालक स्वामी गुरुदत्त ब्रह्मचारी, हनुमतधाम के महामंडलेश्वर स्वामी केशवानंद सरस्वती सहित तीर्थ के संत-महात्माओं की ओर से प्रेषित ज्ञापन कलक्ट्रेट में एडीएम प्रशासन अमित सिंह को आश्रम प्रतिनिधियों द्वारा दिया गया। पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद ने कहा कि पूज्य गुरुदेव स्वामी कल्याणदेव की अंतिम इच्छा हरिद्वार को सीधे शुकतीर्थ से जोड़ने की थी। बिजनौर जनपद पहले से ही फोरलेन से जुड़ा है। महाभारतकालीन सर्किट के धार्मिक पर्यटन को बढ़ाने के लिए गंगा एक्सप्रेस-वे को वाराणसी से हरिद्वार तक बनाने की योजना में मेरठ से वाया हस्तिनापुर, शुकतीर्थ और लक्सर होते हुए बनाया जाए। शुकतीर्थ श्रीमद्भागवत की उद्गम स्थली है, जहां देश-विदेश से श्रद्धालु लाखों की तादाद में प्रति वर्ष आते है। ज्ञापन देने वालों में श्री गंगा सेवा समिति अध्यक्ष आचार्य इंद्रपाल , प्रधानाचार्य प्रेम शंकर मिश्र, महामंडलेश्वर गोपाल महाराज, कथा व्यास अचल कृष्ण शास्त्री, मनोहर लाल शर्मा आदि शामिल रहे।
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