मुजफ्फरनगर। बेरोजगार युवकों को लोन दिलाने व फाइनेंस कंपनी में नौकरी का झांसा देकर ठगी करने वाले एक एमबीए के छात्र सहित दो साइबर अपराधियों को साइबर थाना टीम ने पकड़ा है। गिरोह के सरगना सहित तीन सदस्यों की अभी तलाश है। दोनों आरोपियों के खिलाफ दर्ज 16 शिकायतों में पांच लाख रुपये ठगी का मामला सामने आया है। फर्जी फाइनेंस कंपनी के फर्जी दस्तावेज भी मिले है।
एसपी क्राइम इंदु सिद्धार्थ ने पुलिस लाइन सभागार में प्रेसवार्ता में बताया कि प्रतिबिम्ब पोर्टल पर जनपद मुजफ्फरनगर से संबंधित मोबाइल की आईएमईआई से चलाए गए मोबाइल नंबरों की जानकारी हुई। जांच में आया कि मोबाइल नंबर से बेरोजगार युवकों व लोगों को फाइनेंस कंपनी में जॉब व लोन दिलाने के नाम से काल करके उनसे ठगी की जा रही है।
यह गिरोह जांच है रिक्रेटर है, एप पर लोन व नौकरी के लिए आवेदन करने वाले लोगोंं के बारे में जानकारी कर शिकार तलाशता था।
बिहार, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ व यूपी से संबंधित 16 साइबर अपराध की शिकायतें मिली। इन शिकायतों में पांच लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया। जांच पड़ताल कर खतौली के मोहल्ला देवीदास निवासी शाह आलम उर्फ राजीव शर्मा उर्फ प्रदीप व हापुड़ के गांव होशियापुर के मूल निवासी व वर्तमान में मेरठ के कंकरखेड़ा की ड्रीम सिटी कॉलोनी में रहने वाले संगीत कुमार उर्फ राहुल चौधरी उर्फ मनोज को पकड़ा गया।
दोनों से पांच मोबाइल बरामद हुए। इन मोबाइल से दोनों युवक ठगी के लिए फोन करते थे। दोनों आरोपियों का चालान किया गया। गिरफ्तार आरोपियों के मुजफ्फरनगर जनपद में रहने वाले साथियों व उन्होंने कितने लोगों से और कितनी ठगी की हैै, इस बारे में जांच की जा रही है। इस गिरोह के तीन सदस्यों की अभी तलाश है।
गिरफ्तार शाह आलम मेरठ के कॉलेज से एमबीए कर रहा है। दूसरा आरोपी दसवीं फेल है।