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एक साल से लटकी फर्जीवाडे़ की जांच

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एक साल से लटकी फर्जीवाडे़ की जांच
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मुजफ्फरनगर। एसएसपी कार्यालय में तैनात रहकर फर्जीवाड़ा करने वाले बाबू के खिलाफ लंबे समय से जांच चल रही है। उसने रतनपुरी क्षेत्र निवासी मीट व्यापारी का लाइसेंस बनवाने में भूमिका निभाई। मामले में दर्ज हुए मुकदमे में चार्जशीट लगवाकर पुलिस से कोर्ट में दाखिल करवा दी, लेकिन इसके बाद फर्जी हस्ताक्षर करने, मोहर लगाने के मामले में कार्रवाई न होने पर अन्य तथ्यों की जांच शुरू कराई गई है। लेकिन जांच को एक साल हो गया और यह जांच एक कदम भी आगे नहीं बढ़ी है।
बाबू ने 2021 के जून माह में रतनपुरी में मीट का लाइसेंस बनवाने में उसने मदद की। अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर किए। मोहर भी लगाई। मामला उजागर होने पर मुकदमा दर्ज हुआ लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई बाबू के खिलाफ नहीं हो सकी। एसएसपी कार्यालय में एक ही वर्ष में अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर करने के दो मामले उजागर हुए है। यह काम कौन बाबू कर रहा है। उसे तलाशा नहीं जा सका है। रतनपुरी में मामले की जांच को कई माह बीत गए लेकिन अभी तक यह पता नहीं चल सका कि फर्जी हस्ताक्षर किसने किए। मोहर किसने लगाई। फाइल पर किए गए हस्ताक्षरों की जांच भी एक्सपर्ट से आज तक नहीं कराई गई। अब निरीक्षक सुभाष चंद गौतम की परिनिंदा प्रविष्टि के मामले में भी फर्जी हस्ताक्षर का मामला सामने आया। दूसरा मामला सामने आने पर हस्ताक्षरों की जांच कराने की बात कही जा रही है।
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फर्जी हस्ताक्षर से इन्हें मिला
फर्जी हस्ताक्षर से वर्ष 2021 में रतनपुरी निवासी मीट व्यापारी का फर्जी लाइसेंस बना दिया तो वर्तमान में सहारनपुर में तैनात निरीक्षक सुभाष चंद गौतम को भी वर्ष 2021 में ही परिनिंदा प्रविष्टि को छिपाने पर जिले में थाना प्रभारी पद का लाभ मिला।
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जेल जाएगा बाबू, बर्खास्तगी की कराएंगे कार्रवाई
एसएसपी अभिषेक यादव ने कहा कि रतनपुरी में मीट का फर्जी लाइसेंस बनवाने का मामला वर्ष 2021 का है। मुकदमा दर्ज है। आरोपी जेल भेज दिया था। फर्जीवाडे की विवेचना चल रही है। जो भी बाबू दोषी होगी वह जेल जाएगा। बर्खास्तगी की कार्रवाई भी कराएंगे।
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