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पेंशन घोटाले में चार आरोपी गिरफ्तार

Tue, 08 Dec 2015 12:58 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
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मुजफ्फरनगर में बीस करोड़ के विधवा पेंशन घोटाले में सोमवार को देर रात क्राइम ब्रांच को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस ने आरोपियों के पास एक लग्जरी कार भी बरामद की है। पिछले एक दशक से जिले में विधवा पेंशन में फर्जीवाड़े का खेल चल रहा था। पांच माह पहले मामला खुलने पर घोटाले के मास्टर माइंड महबूब अली सस्पेंड किया। अभी तक वह फरार चल रहा है। शासन ने इस मामले में लखनऊ स्तर से जांच टीम गठित की है।
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विगत 13 साल से विधवाओं को मिलने वाली पेंशन में बड़े पैमाने पर गोलमाल किया जा रहा था। जिला प्रोबेशन कार्यालय से विधवा पेंशन का वितरण होता है। घपले की भनक लगने पर कलक्ट्रेट स्थित कार्यालय को रात में ही सील किया था। मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी। एसपी क्राइम राकेश कुमार जौली के निर्देशन में टीमें मामले की तह तक जाने में लगी हैं।

क्राइम ब्रांच को सोमवार को देर रात बड़ी सफलता मिली और पेंशन घोटाले में शामिल चार आरोपी खादरवाला निवासी दो सगे भाई नियामत खां और नईम खां, प्रकाश चौक स्थित नाज कंप्यूटर के मालिक नासिर अली और यशपाल सिंह को गिरफ्तार किया। घोटाले का पैसा इन्हीं लोगों के खाते में ट्रांसफर किया जा रहा था। पूछताछ में नासिर अली और यशपाल ने स्वीकार किया उनके खाते में 18 लाख रुपये आए हैं। नियामत खां और नईम खां ने भी स्वीकार किया  2008 से उनके खाते में लगातार विधवा पेंशन की रकम आ रही थी। हाल ही में उनके खाते में 34 लाख रुपये आए थे।
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एसपी क्राइम जौली ने बताया नियामत खां का डाकखाने में अपनी पत्नी मोबिन जहां के नाम से संयुक्त खाता है। पूछताछ में पता चला  मोबिन जहां का रानी के नाम से दूसरा खाता नईम के साथ खोल दिया । आरोपियों ने  स्वीकार किया उनके खाते में जो रकम  ट्रांसफर होकर आती थी, उसका 20 परसेंट ही उन्हें मिलता था। बाकी  रकम घोटाले के मास्टर माइंड लिपिक महबूब अली ले लेता था।

पूछताछ में आरोपियों ने बताया पेंशन घोटाले की रकम अफसरों में बंटती थी, इसमें जिला प्रोबेशन अधिकारी के अलावा बैंक और पोस्ट आफिस के कर्मचारी भी शामिल हैं। विधवा पेंशन घोटाले के खुलासे के समय जिला प्रोबेशन अधिकारी रहे एमएल साहू सेवानिवृत्त हो चुके हैं। महबूब अभी तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। यह मामला उस समय सामने आया था, जब पोस्ट आफिस नई मंडी से एक पत्र विकास भवन में परियोजना निदेशक के पास पहुंचा।

पत्र में पोस्टमास्टर ने कहा जिन खातों में रकम ट्रांसफर की जानी है, उनका पेन नंबर दिया जाए। सीडीओ अवनीश कुमार शर्मा ने जांच कराई तो फर्जी तरीके से विधवा पेंशन की रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर करने का खेल सामने आया। आरोपी लिपिक ने परियोजना निदेशक वीपी श्रीवास्तव के नाम का फर्जी कवरिंग लेटर लगाकर पेंशन की रकम तीन खातों में डालने के लिए लिखा था। खुलासे के बाद परियोजना निदेशक और प्रोबेशन विभाग ने तीन मुकदमे सिविल लाइन थाने में दर्ज कराए थे।
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