निराना के पलायन प्रकरण में इंस्पेक्टर सिखेड़ा विक्रम सिंह पर कार्य में लापरवाही को लेकर विभागीय कार्रवाई की गाज गिर गई है। इंस्पेक्टर को स्थानांतरण नीति के तहत निर्धारित समय से एक माह पूर्व ही रिलीव करते हुए इंस्पेक्टर एचएन सिंह को सिखेड़ा थाने की कमान सौंप दी गई है। उधर, मामले के तूल पकड़ने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कातिलाना हमले के चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
सिखेड़ा थाना क्षेत्र के गांव निराना में विगत 29 जून की रात अजय और विवेक पाल पर हुए कातिलाना हमले के मामले में थाना पुलिस की लचर कार्रवाई के चलते तूल पकड़ने वाले पलायन प्रकरण में आखिरकार इंस्पेक्टर सिखेड़ा पर विभागीय कार्रवाई की गाज गिर ही गई।
एसएसपी अनंतदेव तिवारी ने मंगलवार सुबह इंस्पेक्टर विक्रम सिंह को थाने के प्रभार से मुक्त करने के साथ ही स्थानांतरण नीति के तहत रिलीव करने के भी आदेश दे दिए। हालांकि इंस्पेक्टर का स्थानांतरण अगले माह होना था, लेकिन चर्चित पलायन प्रकरण के तूल पकड़ने के चलते उन्हें मंगलवार को ही थाना प्रभारी के पद से हटाने के साथ ही जनपद से रिलीव किए जाने के भी आदेश जारी कर दिए गए।
उनके स्थान पर नई मंडी कोतवाली में तैनात अतिरिक्त प्रभारी निरीक्षक अपराध इंस्पेक्टर एचएन सिंह को सिखेड़ा थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उधर, पलायन प्रकरण के चर्चाओं में आने के बाद पुलिस ने सोमवार देर रात से जारी दबिश अभियान को जारी रखते हुए मंगलवार को चार आरोपियों शहजाद, तहसीन, गफ्फार व रिहान को गिरफ्तार कर लिया। चारों आरोपियों को जेल भेजने के साथ ही अन्य फरार आरोपियों की भी लगातार तलाश की जा रही है। उधर, मामले को लेकर मंगलवार को भी गांव में पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा।
पलायन प्रकरण के बाद देशभर में छाया निराना
मुजफ्फरनगर। कातिलाना हमले में दबंगों के खिलाफ थाना पुलिस की हीलाहवाली को लेकर आठ परिवारों द्वारा अपने घरों पर ‘यह मकान बिकाऊ है’ लिखकर पलायन करने के ऐलान के बाद गांव निराना चर्चाओं का केंद्र बन गया है। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले समुदाय विशेष के दबंगों के डर से पलायन को लेकर कस्बा कैराना ने देश-विदेश में सुर्खियां बटोरी थी।
वहीं, अब समुदाय विशेष के कुछ दबंगों के डर से ही आठ परिवारों द्वारा पलायन की घोषणा करने के बाद गांव निराना को लेकर शासन-प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। सूत्रों के अनुसार, शासन स्तर पर मामले को गंभीरता से लेते हुए जिले के आला अफसरों से रिपोर्ट तलब कर ली गई है।
ऐसे में आला अफसर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर पीड़ित परिवारों में सुरक्षा का माहौल कायम करना चाहते हैं। जिला प्रशासन अपनी इस कवायद में काफी हद तक सफल भी रहा है, क्योंकि जिस तरह मामले में अफसरों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी कराई है, उसने कहीं न कहीं पीड़ित पक्ष में सुरक्षा का अहसास जगा है।