मुजफ्फरनगर के कूकड़ा मंडी के यूपी एग्रो की सरकारी दुकान पर शुक्रवार को एनपीके डाई के नकली कट्टे बिकने की शिकायत पर किसानों ने हंगामा खड़ा कर दिया। शिकायत डीएम निखिल चंद्र शुक्ला तक पहुंची, तो तत्काल सीडीओ अवनीश कुमार शर्मा के नेतृत्व में टीम केंद्र पर छापा मारा। टीम ने 134 बैग सीज कर दिए। क्रय केंद्र प्रभारी के खाद डीसीडीएफ से लिए जाने की बात कहने पर डीसीडीएफ के गोदाम की भी जांच की गई। खाद के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
कूकड़ा मंडी में यूपी एग्रो की खाद का सरकारी दुकान है। आसपास के किसान यहां से सीधे खाद की खरीद करते हैं। शुक्रवार सुबह सिलाजुड्डी गांव के किसान जितेंद्र कुमार एनपीके खादर खरीदकर ले गया था। जब उसने खाद को खेत में डालने के लिए बैग खोला, तो उसे शक हुआ कि बैग में नकली डाई है। किसान खाद का खुला बैग लेकर एग्रो की दुकान पर पहुंचा। यहां जितेंद्र से कहा गया कि वह बदले में दूसरा बैग ले जाएं।
इस पर उसका शक पुख्ता हो गया। इस बीच अन्य किसान भी पहुंच गए और उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पाकर मौके पर भाकियू नेता धर्मेंद्र मलिक भी पहुंच गए। मामले की जिला कृषि अधिकारी को सूचना दी गई। जब उन्होंने आने में देर की तो सीधे डीएम निखिल चंद्र शुक्ला को प्रकरण से अवगत कराया। इसके बाद तत्काल सीडीओ अवनीश कुमार शर्मा के नेतृत्व में एक टीम गठित हुई, जिसमें जिला कृषि अधिकारी रामजतन मिश्रा, एआर कोआपरेटिव, इफ्को के शाखा प्रबंधक राजीव शर्मा शामिल रहे।
अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर यूपी एग्रो के दुकान की जांच की। यूपी एग्रो के क्रय अधिकारी आनंदपाल ने बताया कि यह खाद डीसीडीएफ से सप्लाई हुआ है। अधिकारियों की टीम ने जानसठ रोड स्थित डीसीडीएफ के गोदाम पर भी छापा मारा। छापे के दौरान वहां रखे समस्त एनपीके कट्टों की जांच की गई। जांच में पाया गया कि डीसीडीएफ का एनपीके असली है। सीडीओ अवनीश कुमार शर्मा ने बताया कि यूपी एग्रो के गोदाम के 134 कट्टे सीज कर दिए गए हैं। जांच के लिए नमूना लैब को भेजा जा रहा है। इस पूरे मामले की जांच कराई जा रही है।
नकली है कट्टों में मिला खाद : मिश्रा
मुजफ्फरनगर। जिला कृषि अधिकारी रामजतन मिश्रा ने बताया कि एनपीके कट्टों पर लगे टैग से ही जाहिर हो रहा है कि यह नकली हैं। फिर भी नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। यह जांच का विषय है कि कट्टों में नकली खाद कहां से भरा गया। इस्तेमाल किए गए बैग हूबहू असली जैसे हैं, जिससे किसान पहचान न कर सकें।
किसानों के साथ हो रहा था धोखा
मुजफ्फरनगर। भाकियू के प्रेस प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने कहा कि सरकारी दुकान पर नकली खाद बिकना किसान के साथ बहुत बड़ा धोखा है। इस मौसम में हर बार एनपीके की कमी रहती है। किसान जैसे-तैसे अपने खेतों में आपूर्ति करता है। इसका फायदा उठाकर किसानों को नकली एनपीके दिया जा रहा है।