हत्या के मुकदमे में दो लोगों के नाम निकालने के मामले में जेल गए सेवानिवृत्त निरीक्षक ब्रज किशोर को अभी कई दिन जेल में रहना होगा। शुक्रवार को जिला जज की अदालत में जमानत याचिका पेश की, जिसकी सुनवाई के लिए अदालत ने नौ अप्रैल की तारीख नियत की गयी ।
सेवानिवृत्त पुलिस निरीक्षक ब्रज किशोर को सीजीएम कोर्ट ने गत दिवस एक मुकदमे में 24 वर्ष अदालत में हाजिर न होने के कारण जेल भेज दिया था। आरोपी ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में गत दिवस अपनी जमानत याचिका पेश की थी।
जिसे अदालत ने नामंजूर दिया था। गौरतलब है कि आरोपी 1994 में शामली के थाना झिंझाना में उप निरीक्षक पद पर तैनात था, जहां उसने थाना क्षेत्र के गांव पुरमाफी में हुए एक कत्ल की जांच की थी। थाना क्षेत्र के गांव पुरमाफी निवासी वादी राजेंद्र पुत्र कदम सिंह ने उप निरीक्षक ब्रज किशोर पर अपराधियों से साज खाने की शिकायत की थी। जिसकी जांच सीबीसीआईडी ने की और ब्रज किशोर को दोषी पाते हुए आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया था।
1994 से अभी तक ब्रज किशोर अदालत में पेश नही हुआ था । जिसमें अदालत ने गैर जमानती वारंट भी जारी किया था । अब ब्रज किशोर पुलिस निरीक्षक पद से सेवानिवृत्त हो गया है। गत दिवस ब्रज किशोर ने अदालत में आत्म समर्पण किया था । जिसकी सुनवाई के बाद अदालत ने ब्रज किशोर की जमानत याचिका खारिज करते हुए जेल भेज दिया था। ब्रज किशोर ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से शुक्रवार को जिला सत्र न्यायालय में अपनी जमानत याचिका पेश की, जिसकी सुनवाई के लिए अदालत ने नौ अप्रैल नियत की है ।
रामपुर तिराहा कांड: सीबीआई के गवाह के बयान दर्ज
मुजफ्फरनगर। वर्ष 1994 में उत्तराखंड आंदोलन के दौरान पुलिस द्वारा गोली चलाने और महिलाओं के साथ अत्याचार करने के मामले में शुक्रवार को सीबीआई विशेष अदालत में गवाह नवीन चंद जोशी के बयान दर्ज किए गए। कोर्ट ने सुनवाई जारी रखते हुए चार मई की तारीख नियत की है। बताया गया है कि जांच एजेंसी ने 28 पुलिस कर्मियों के विरुद्ध लूट, बलात्कार और महिलाओं के साथ अत्यचार का मामला दर्ज किया था। जिसकी सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट तीन में चल रही है। मामले में 27 आरोपी है। जिनकी ओर से हाजिर माफी दी गई।