फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सूर्यग्रहण में बाधक बना कोहरा, मंदिरों के कपाट बंद

विज्ञापन
बंद पड़े काली माता मंदिर के कपाट - फोटो : DEVBAND
विज्ञापन
देवबंद (सहारनपुर)। 2019 के आखिरी कुंडलाकार सूर्यग्रहण के दर्शन से बृहस्पतिवार को लोग वंचित रह गए, क्योंकि आसमान में छाया कोहरा बाधक बन गया। हालांकि इस दौरान मंदिरों के कपाट बंद रहे। भजन कीर्तन चलता रहा। सूर्यग्रहण होने के बाद कपाट खुलते ही लोगों ने पूजा अर्चना शुरू कर दी।
विज्ञापन

बृहस्पतिवार को उत्तर भारत में भी आंशिक कुंडलाकार सूर्यग्रहण का अद्भूत नजारा देखने को मिला, लेकिन आसमान में कोहरा छाया होने के कारण लोग इसे देखने से वंचित रहे। सुबह करीब 8.17 बजे आरंभ हुए सूर्यग्रहण से लगभग 12 घंटे पूर्व ही सूतक काल लग जाने से मंदिरों के कपाट बंद हो गए । इस कारण मंदिरों में सिर्फ भजन कीर्तन का आयोजन किया। श्री त्रिपुर मां बाला सुंदरी देवी मंदिर, श्री राधा वल्लभ मंदिर, श्री बालाजी धाम मंदिर, श्री पंचायती ठाकुरद्वारा आदि मंदिरों में सुबह 10.57 बजे तक भजन कीर्तन होता रहा। इसके बाद मंदिरों के कपाट श्रद्धालुओं की पूजा अर्चना के लिए खोले ।
श्री त्रिपुर मां बाला सुंदरी देवी मंदिर सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष पंडित सतेंद्र शर्मा ने बताया कि सूर्यग्रहण के कारण मंदिरों के कपाट बंद रहे हैं। सूतक काल समाप्त होने के बाद मूर्तियों को नहलाकर उनका श्रृंगार किया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। श्री पंचायती ठाकुरद्वारा मंदिर कमेटी के महामंत्री अशोक गुप्ता ने बताया कि सूर्यग्रहण होने तक मंदिर में भजन कीर्तन किया। दूसरे सूर्यग्रहण के चलते लोगों ने दान पुण्य भी किया।

सूर्यग्रहण के चलते देवबंद में बंद पडे श्री त्रिपुर मां बाला सुंदरी देवी मंदिर के कपाट- फोटो : DEVBAND

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें