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पीएम आवास के नाम पर हड़पे पांच हजार

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आवास योजना के नाम पर अवैध वसूली करने के आरोपी को पकड़कर ले जाती पुलिस। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
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पीएम आवास के नाम पर पांच हजार रुपये
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मुजफ्फरनगर। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी में आवास दिलाने के नाम पर दलाल ने एक व्यक्ति से पांच हजार रुपये ऐंठ लिए। शनिवार को आवेदक ने आरोपी को विकास भवन से पकड़वा लिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर चालान कर दिया है।
नगर के मोहल्ला किदवई नगर निवासी सईद अहमद ने प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के लिए आवेदन किया था। वह आवास के लिए विकास भवन में आया था। इस दौरान उसकी मुलाकात ग्राम रई निवासी सुनील कुमार से हुई। उसने बताया कि वह विकास भवन में ही काम करता है तथा उसे आवास का लाभ दिला सकता है। इसके बदले उसने सात हजार रुपये की मांग की। पांच हजार रुपये देना तय हुआ। सुनील उसके घर आकर पांच हजार रुपये ले गया। मकान का आवंटन नहीं होने पर सईद शनिवार की सुबह विकास भवन में आया था। उसने आरोपी सुनील को वहीं पकड़ लिया। इस दौरान योजना के जिला कोऑर्डिनेटर विशाल त्यागी भी वहां आ गए। उन्होंने बताया कि आरोपी विकास भवन का कर्मचारी नहीं है। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आवेदक सईद अहमद की तहरीर पर सिविल लाइंस थाने में आरोपी के खिलाफ अमानत में खयानत की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
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लंबे समय से चल रहा अवैध वसूली का खेल
मुजफ्फरनगर। प्रधानमंत्री आवास योजना में लंबे समय से अवैध वसूली का खेल चल रहा है। पहले भी योजना का लाभ दिलाने के नाम पर लाभार्थियों से अवैध वसूली करने के मामले में सामने आ चुके हैं। शनिवार को पकड़े गए दलाल ने लाभार्थी को बताया था कि उसकी डूडा में गहरी पैठ है। वह विकास भवन के ग्राउंड फ्लोर पर जहां आवास योजना के आवेदन जमा होते हैं, वहीं बैठता है। आवेदक से जो रुपये मिलते हैं उसका बड़ा हिस्सा विभाग के कर्मचारियों को देता है। आरोपी ने सईद से सात हजार रुपये की मांग की थी। जिसमें से पांच हजार रुपये उसे दे दिए गए थे। बाकी रुपये के लिए वह सईद पर तकादा कर रहा था। बताया जाता है कि आवास योजना का लाभ दिलाने के लिए लाभार्थियों से 20 हजार रुपये तक की वसूली होती है।
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इन्होंने कहा...
प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी में पात्रता का सत्यापन नगर पालिकाओं के ईओ द्वारा किया जाता है। कोई भी व्यक्ति दलालों के चक्कर में न पड़े। यदि कोई व्यक्ति लाभ दिलाने के लिए रुपये मांगता है तो सीधे उन्हें आकर बताएं।
- संदीप सिंह, पीओ डूडा।
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