मुजफ्फरनगर शहर नगर पालिका परिषद में पहली बार महिला चेयरपर्सन होंगी। अब से पहले कभी भी नगर पालिका को आरक्षित नहीं किया गया। चेयरमैन चुनने के लिए इस बार 2,57,192 मतदाता वोट करेंगे। महिला के लिए पद आरक्षित हो जाने से भाजपा, कांग्रेस, सपा के कई नेताओं के सपनों पर पानी फिर गया है। इनमें से कई नेता अपनी पत्नी को मैदान में उतारने की तैयारी में जुट गए हैं। हालांकि पार्टी संगठन में सक्रिय महिला नेत्रियों को ही मौका दिए जाने की मजबूत पैरवी शुरू हो गई है।
निकायों में जब से आरक्षण की व्यवस्था लागू हुई है, तब से मुजफ्फरनगर नगर पालिका अनारक्षित ही रही है। पालिका को पहली बार महिला के लिए रिजर्व किया गया है। महिला के लिए सीट आरक्षित होने से भाजपा, कांग्रेस, सपा संगठन में काम कर रही महिलाएं अचानक सक्रिय हो गई हैं। आरक्षण सूची जारी होते ही उन नेताओं के सपनों पर पानी फिर गया है, जो टिकट की दौड़ में खुद को आगे बता रहे थे। जिन नेताओं को आरक्षण से झटका लगा है, उनमें भाजपा के पूर्व चेयरमैन सुभाषचंद शर्मा, पूर्व नगराध्यक्ष श्रीमोहन तायल, सुनील सिंघल, राजीव गर्ग, अरविंद राज शर्मा, जगदीश पांचाल, संजय अग्रवाल, अशोक बाठला, कांग्रेस के निवर्तमान चेयरमैन पंकज अग्रवाल, सपा के गौरव स्वरुप, राशिद सिद्दीकी, बसपा के जियाउर्रहमान आदि शामिल हैं।
इससे सबसे ज्यादा खुशी भाजपा की महिला नेत्रियों को हुई है। भाजपा में टिकट के लिए मजबूत दावेदार गीता जैन, सरिता अरोरा, बबीता गुप्ता, प्रीति चौधरी एडवोकेट को माना जा रहा है। इनके अलावा भी कई अन्य महिला नेत्री भी प्रयासरत हैं। कांग्रेस में बिलकिश चौधरी प्रमुख दावेदारों में हैं। महिला सीट घोषित होने के बाद सभी मुख्य दावेदार अपनी पत्नी को चुनाव लड़ाने की तैयारती में जुट गए हैं। प्रभारी मंत्री सतीश महाना के सामने भी यह मुद्दा उठ चुका है कि महिला के लिए सीट आरक्षित होती है तो नेताओं की पत्नियों के बजाय संगठन के लिए काम करने वाली महिलाओं को मौका मिलना चाहिए। अब देखना यह है कि भाजपा नेता की पत्नी को चुनाव लड़ाने की परिपाटी पर चलती है या जनता के बीच काम कर रही महिलाओं को मौका देती है। यदि नेताओं की पत्नियां मैदान में आती हैं तो राजनीति में सक्रिय महिलाओं को बड़ा झटका लगेगा।
निकायों के वोटर और आरक्षण
निकाय-- कुल वोट-- आरक्षण
मुजफ्फरनगर-- 257192--महिला
खतौली--53932--महिला
शाहपुर--16329--पिछड़ा वर्ग
पुरकाजी--19167--अनारक्षित
सिसौली--11491--पिछड़ा वर्ग महिला
जानसठ--15707--पिछड़ा वर्ग
भौकरहेडी--14139--अनुसूचित महिला
चरथावल--16941--अनारक्षित
मीरापुर--21467--महिला
बुढाना--28678--महिला
मुस्लिम और वैश्य मतों की अधिकता
मुजफ्फरनगर। नगर पालिका परिषद मुजफ्फरनगर में कुल दो लाख 57 हजार 192 मतदाताओं में लगभग 80 हजार मुस्लिम मतदाता हैं। वैश्य मतों की संख्या भी यहां 60 हजार के लगभग हैं। पाल, ब्राह्मण और पंजाबी मतों की संख्या लगभग बराबर है, जो 15 से 20 हजार के बीच है। इसके अलावा शहर में विश्वकर्मा, कश्यप, सैनी, जाट, त्यागी, सुनार, सैन, प्रजापति, खटीक, वाल्मीकि, दलित मतदाता रहते हैं। इन जातियों की संख्या तीन हजार से दस हजार तक हैं।
2012 में जीती थी कांग्रेस
मुजफ्फरनगर। नगर पालिका परिषद के लिहाज से मुजफ्फरनगर को भाजपा के लिए मजबूत माना जाता है। 2012 के चुनाव में यहां कांग्रेस को लंबे समय बाद सफलता मिली थी। कांग्रेस के पंकज अग्रवाल ने बीजेपी के संजय अग्रवाल को लगभग चार हजार मतों से पराजित किया था।