मुजफ्फरनगर में नई मंडी कोतवाली की भरतिया कालोनी में महिला से चेन लूटकर भाग रहे बाइक सवार लुटेरों को पब्लिक ने घेर लिया। कुछ युवकों ने लुटेरों की बाइक को धक्का देकर गिरा दिया। बाइक छोड़कर भाग रहे लुटेरों ने लोगों पर फायरिंग की। गोली चलने पर लोग ठिठक गए। महिला के जेठ ने बदमाशों को पकड़ने की कोशिश की तो बदमाशों ने उसे सड़क पर धक्का दे दिया।
नई मंडी में स्वीट्स कार्नर के मालिक की पत्नी प्रियंका बिंदल शुक्रवार रात करीब आठ बजे बाजार से खरीदारी कर भरतिया कालोनी में घर लौट रही थी। घर के सामने गली में पीछे से बाइक पर आए तीन लुटेरे प्रियंका से गले की चेन खींचकर भाग लिए। गली आगे से बंद होने के चलते बदमाशों को वापस आना पड़ा।
बदमाशों को वापस आते देख पीड़ित महिला के भतीजे प्रतीक ने हिम्मत दिखाते हुए उनकी बाइक को धक्का देकर गिरा दिया। इसी बीच महिला के शोर मचाने पर आसपास के लोग घरों से निकल आए और बदमाशों की घेराबंदी शुरू कर दी। खुद को घिरता देख लुटेरों ने प्रतीक पर फायर कर भागना शुरू कर दिया।
कई लोगों ने लुटेरों को ईंटें भी मारीं। इसी बीच पीड़ित महिला के जेठ राहुल ने स्कूटी से लुटेरों का पीछा किया तो उन्होंने उसकी स्कूटी को धक्का देकर गिरा दिया। स्कूटी गिरने से राहुल घायल हो गया और लुटेरे भाग गए। बदमाशों की बाइक और एक जूता मौके पर ही छूट गया। भरतिया कालोनी में हुई घटना से दहशत पसर गई। सूचना पर नई मंडी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। कालोनी के लोगों में पुलिस के प्रति भारी आक्रोश था। बाइक को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर लुटेरों की काफी तलाश की, लेकिन पता नहीं चला।
किशोर ने दिखाई बहादुरी
मुजफ्फरनगर। चेन लूट की घटना को अंजाम देकर भाग रहे लुटेरों को नहीं पता था कि आगे गली बंद है। वापसी में पीड़ित महिला के भतीजे प्रतीक ने बहादुरी दिखाते हुए बदमाशों की बाइक में धक्का मारकर उन्हें सड़क पर गिरा दिया। लुटेरों द्वारा उसके ऊपर फायर करने के बाद भी किशोर ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को इकट्ठा कर लिया था।
पीड़ित परिवार में दहशत व्याप्त
मुजफ्फरनगर। भरतिया कालोनी में शाम के समय हुई लूट की घटना में पीड़ित प्रियंका बिंदल और परिवार की अन्य महिलाएं पूरी तरह से दहशत में थीं। पहले तो चेन लूट, उसके बाद भतीजे पर लुटेरों द्वारा फायर करना। बाद में जेठ के पीछा करने पर लुटेरों द्वारा धक्का देकर उन्हें गिरा देने से घायल होने पर परिवार में दहशत पसर गई। महिलाएं बदहवास थीं।