मोरना के गांव जटवाड़ा में बुखार से पीड़ित चल रहे तीन मरीजों की बृहस्पतिवार को एक ही दिन में मौत हो गई। मरने वालों में एक बच्ची और चिकित्सक की पत्नी भी शामिल है। इसके अलावा ग्राम प्रधान समेत काफी संख्या में ग्रामीण बुखार से जूझ रहे हैं। मरीजों की लगातार मौतों से ग्रामीणों में दहशत है। उन्होंने बुखार पर नियंत्रण के लिए गांव में ही हेल्थ कैंप लगाने की मांग की है।
ककरौली क्षेत्र के गांव जटवाड़ा में बृहस्पतिवार सुबह गांव के चिकित्सक मनव्वर हुसैन जैदी की 48 वर्षीय पत्नी फातमा की बुखार से मौत हो गई। इसी दौरान गांव निवासी अंजुम अली की 12 वर्षीय पुत्री आसमां ने बुखार के कारण ही दम तोड़ दिया। इनके शवों को सुपुर्दे खाक करने के लिए अभी दोनों की कब्र भी नहीं खुदी थी कि 70 वर्षीय शौकत की भी बुखार से मौत हो गई। गांव तीन मौत होने से गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
उधर, ग्राम प्रधान सालिम भी बुखार से पीड़ित है। प्रधान ने बताया कि गांव में फरमान, तरजो, शाकिया, मंगता, अनवरी, सुल्ताना, सुलेमान, जहीर आलम, यूसूफ समेत सैकड़ों ग्रामीण बुखार से जूझ रहे हैं। ग्रामीण राजपाल, हाफिज नईम, महरदीन, गंगाराम, रमेश, धर्मपाल, फूलसिंह, इरशाद, हसन मेंहदी आदि ने विभाग की लापरवाही पर भारी रोष जताया। ग्रामीणों ने यहां प्राथमिकता से हेल्थ कैंप लगाने की मांग की गई।