- परीक्षा शुल्क बढ़ाए जाने के विरोध में आंदोलन कर रहे थे तीन जिलों के विद्यार्थी
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय की ओर से परीक्षा शुल्क विवाद समाप्त होने के बाद फिर से ऑनलाइन फॉर्म प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। महाविद्यालयों में छात्र-छात्राओं ने अलग-अलग पाठ्यक्रमों के परीक्षा फॉर्म भरे हैं।
विवि की ओर से परीक्षा शुल्क बढ़ाए जाने पर जिले के महाविद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं ने विरोध प्रकट किया था। कलक्ट्रेट में तीन दिन तक विद्यार्थियों ने धरना-प्रदर्शन करते हुए फीस कम करने की मांग की थी। जिस पर विवि ने संज्ञान लेते हुए चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की तर्ज पर ही पाठ्यक्रमों की परीक्षा फीस कम कर दी है। साथ ही 14 दिसंबर से दोबारा परीक्षा फॉर्म की प्रक्रिया शुरू कर दी है। शुक्रवार को महाविद्यालयों में छात्र-छात्राओं ने अपनी पुरानी फीस जमा करते हुए परीक्षा फॉर्म भरा।
डीएवी कॉलेज के छात्र के नेता अमन जैन ने बताया कि विवि की ओर से अब परीक्षा शुल्क घटाकर बीए का 1280 और बीएससी का 1617 रुपये कर दिया है। इसके अलावा अन्य पाठ्यक्रम की परीक्षा शुल्क भी कम कर दिया गया है। मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय के जिला प्रवेश समन्वयक डॉ. नरेश मलिक ने बताया कि परीक्षा फॉर्म की प्रक्रिया शुरू हो गई है। 24 दिसंबर अंतिम तिथि है। छात्र-छात्राओं ने शुक्रवार को भी परीक्षा फॉर्म भरे हैं। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के तर्ज पर ही परीक्षा शुल्क लिया जा रहा है।
अधिक लिया गया शुल्क किया जाए वापस
मुजफ्फरनगर। डीएवी पीजी कॉलेज के छात्रसंघ संयुक्त सचिव अमन जैन ने मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक को मांग पत्र भेजा। उन्होंने कहा कि स्नातक प्रथम सेमेस्टर के परीक्षा फॉर्म में लिए गए अधिक शुल्क को वापस किया जाए। उन्होंने कहा कि विवि की ओर से चार दिसंबर से स्नातक प्रथम सेमेस्टर के परीक्षा फॉर्म भराए जा रहे थे, जो बढ़े हुए परीक्षा शुल्क के हिसाब से ही भरे गए थे। ऐसे में कुछ विद्यार्थियों ने बढ़े हुए शुल्क को जमा करते हुए फॉर्म भरा था। विरोध प्रदर्शन के बाद विवि ने शुल्क को कम कर दिया है। ऐसे में अब उन छात्र-छात्राओं का अधिक शुल्क वापस किया जाए, जिन्होंने पहले बढ़ा हुआ शुल्क जमा किया था।