घटनास्थल का निरीक्षण करती पुलिस।
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भोपा क्षेत्र में पिता की नहर में डूबकर हुई मौत की सूचना सुनकर बेटी की भी हृदयगति रुकने से मौत हो गई। गमगीन माहौल में बेटी का जहां अंतिम संस्कार कर दिया गया, वहीं पिता के शव की तलाश जारी है।
थाना क्षेत्र के गांव सिकंदरपुर के 45 वर्षीय किसान महिपाल रविवार को अपने खेत पर गया था। शाम को वहां से काम कर घर लौटते समय वह निरगाजनी गंगनहर की झाल पर हाथ मुंह धोने लगा। इसी दौरान अचानक उसका पैर फिसल गया और वह नहर में डूब गया। वहां गांव के कुछ युवकों ने उसे बचाने का भी प्रयास किया, लेकिन वह पानी के तेज बहाव में बह गया।
उसके डूबने की सूचना उसके घर पर पहुंची, तो उसकी बेटी रीतू पिता की मौत का सदमा सहन नहीं कर पाई और हृदयगति रुकने से उसकी मौत हो गई। अचानक हुई घटना से परिजनों पर गम का पहाड़ टूट गया। शाम को गमगीन माहौल में उसका का अंतिम संस्कार कर दिया। 16 वर्षीया रीतू इंटर की छात्रा थी। हादसे से किसान की पत्नी शर्मिष्ठा, बेटा सचिन, बेटी रीना का रो-रो कर बुरा हाल है।
उधर, निरगाजनी पुल पर पुलिस व ग्रामीण गोताखोरों की मदद से महिपाल की गंगनहर में तलाश कर रहे है। सीओ भोपा अकील अहमद व थाना प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह ने मौके पर पहुंच छानबीन की। सीओ ने बताया कि घटना के संबंध में परिजनों ने किसी भी प्रकार की तहरीर नहीं दी है।
गंगनहर में डूबे किसान की तलाश में गोताखोर लगाए गए हैं। बताया गया है कि किसान महिपाल पर यूको बैंक व सोसायटी का लाखों रुपये कर्ज है। काफी समय से वह जिसे चुकता करने की चिंता से तनावग्रस्त था। किसान के पास 18 बीघा भूमि है।