दरिंदगी का आरोपी पिता दोषी करार
मुजफ्फरनगर। बेटी के साथ दरिंदगी करने वाले पिता को पॉक्सो अदालत ने दोषी करार दिया है। कोर्ट के आदेश पर दोषी पिता को जेल भेज दिया है। सजा पर सुनवाई 24 फरवरी को होगी। अदालत ने पीड़िता के दादा, दादी और ताऊ को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना शाहुपर के एक गांव निवासी महिला ने छह अगस्त 2016 को शाहपुर थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि सात मई 2016 को वह अपने भाई की तबीयत खराब होने के कारण बच्चों को अपने पति अनवर के पास छोड़ कर मायके रतनपुरी क्षेत्र के गांव गई थी। जब वह लौट कर अपनी ससुराल पहुंची तो उसकी 14 साल की बेटी ने बताया कि जिस दिन वह मायके गयी थी उसी दिन उसके पिता ने हम सभी बच्चों को मिठाई लाकर दी। जिसमें नशीला पदार्थ मिला हुआ था। जिसे खाकर सभी बच्चे नशे में हो गये और नशे की हालत में पिता ने उसके साथ बुरा काम किया और किसी से भी इस घटना को बताने पर जान से मारने की धमकी दी।
पीड़िता की मां ने इस घटना के बारे में अपने ससुर, सास और जेठ से अपने पति की करतूत के बारे में बताया तो ससुर, सास, जेठ ने उसके व उसके बच्चों के साथ मारपीट की तथा तमंचा दिखाकर जान से मारने की धमकी देकर चुप रहने के लिए कहा। इसके बाद उसे घर से बाहर नहीं निकलने दिया। प्रार्थिया के पति ने 29 जुलाई को दोबारा बेटी के साथ दरिंदगी करने का प्रयास किया। प्रार्थिया मौका मिलने पर 30 जुलाई की रात में अपने बच्चों को लेकर अपने मायके चली गई । जिसके बाद उसने थाना शाहपुर में शिकायत की। एसएसपी के आदेश पर छह अगस्त 2016 को रिपोर्ट दर्ज की गई।
मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजीव तिवारी की पॉक्सो अदालत में हुई। विशेष लोक अभियोजक दिनेश कुमार शर्मा ने चार गवाह पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए पीड़िता के पिता अनवर को अपनी बेटी से दरिंदगी करने का दोषी करार देते हुए जेल भेजा है। सजा 24 फरवरी को सुनाई जाएगी। जबकि अदालत ने पीड़िता के दादा, दादी एवं ताऊ को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है।