मंसूरपुर में भाकियू कार्यकर्ताओं और किसानों ने रेलवे स्टेशन के पास मुआवजे की मांग को लेकर मालगाड़ी को रोकते हुए प्रदर्शन किया। मांगों का एक ज्ञापन मौके पर पहुंचे स्टेशन मास्टर को सौंपा।
रेलवे विभाग ने फ्रंट कोरीडोर के लिए गांव मंसूरपुर, बोपाड़ा, घासीपुरा व खान्नुपुर आदि गांवों के किसानों की भूमि अधिग्रहण करने के लिए निशानदेही की गई थी। रेलवे विभाग की ओर से अभी तक इन किसानों को मुआवजा धनराशि नहीं मिली है। बुधवार को मंसूरपुर में किसान नेता अंगद के आवास पर भाकियू कार्यकर्ताओं व किसानों की पंचायत हुई।
जिसमें भाकियू के जिलाध्यक्ष राजू अहलावत ने कहा कि जब तक किसानों को भूमि अधिग्रहण करने का रेलवे विभाग की ओर से उचित व समान मुआवजा नहीं दिया जाएगा, तब तक वे भूमि पर कब्जा नहीं करने देंगे। इसके बाद किसान जुलूस की शक्ल में रेलवे स्टेशन पर पहुंचे। भाकियू कार्यकर्ताओं व किसानों ने मुआवजा दिए जाने की मांग को लेकर रेलवे स्टेशन के पास मुजफ्फरनगर की ओर से आ रही मालगाड़ी को रोक कर प्रदर्शन किया और रेलवे ट्रैक पर कब्जा कर धरना देकर बैठ गए।
सूचना मिलने पर मौके पर स्टेशन मास्टर सुभाष धरने के बीच पहुंचे। भाकियू ने मुआवजा दिलाए जाने की मांग को लेकर स्टेशन मास्टर को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान करीब 15 मिनट तक मालगाड़ी खड़ी रही। खतौली की ओर से मुजफ्फरनगर स्टेशन जाने वाली पैसेंजर ट्रेन को भी चालक ने गांव सोंटा के पास आउटर रेलवे लाइन पर ही रोक दिया था।
ज्ञापन देने के 15 मिनट बाद ही दोनों ट्रेनों का संचालन हो सका। ट्रेन रोकने वालों में भाकियू जिलाध्यक्ष राजू अहलावत, जिला पंचायत सदस्य एवं रालोद नेता संजय राठी, भाकियू जिला महामंत्री नीरज पहलवान, अंगद प्रधान, इंद्र भगत जी, जितेंद्र कुमार, बेगराज राठी, योगेश, सरल राठी आदि किसान शामिल रहे।