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किसानों को जंगल में तेंदुए के पदचिन्ह मिले, ग्रामीणों में खौफ

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किसानों को जंगल में तेंदुए के पदचिह्न दिखाई पड़े
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ककरौली (मुजफ्फरनगर)। गांव दौलतपुर में छह दिन बीत जाने के बाद भी ग्रामीणों में तेंदुए की दहशत अभी भी बरकरार है। किसान दहशत में अपने खेतों में काम नहीं कर पा रहे हैं। किसानों को खेतों में तेंदुए के पदचिह्न दिखाई दिए हैं। तेंदुए के पदचिह्न मिलने से ग्रामीणों में खौफ व्याप्त हो गया है।
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शनिवार को गांव निवासी किसान अरशद अपने भाइयों खुर्शीद और कामिल के साथ अपने खेत पर गन्ना छीलने के लिए जा रहे थे। जैसे ही वे खेत पर पहुंचे, तो उन्होंने वहां किसी खूंखार जानवर के पदचिह्न देखे, जिनको देखकर तेंदुए के पदचिह्न होने का अनुमान लगाया। इस पर तीनों खेत में काम किए बिना ही घर लौट आए और ग्रामीणों को बताया। गांव में तेंदुए का खौफ और भी बढ़ गया। साजिद, अनस, अहमद अली, शाहनजर, अरशद आदि किसानों ने बताया कि दो दिनों में होने वाला खेतों का काम रोज थोड़ा थोड़ा करके जल्दी अपने घर लौट जाते हैं। गांव की महिला परवीनजहां व शकीला ने बताया कि बच्चे जंगल के रास्ते से गुजर कर ट्यूशन पढ़ने जाते हैं, जहां रास्ते में घना जंगल पड़ता है। महिलाओं ने आशंका जताई कि तेंदुआ बच्चों के साथ कोई अनहोनी न कर दें। दिन के उजाले में भी बच्चे घरों में छुपकर खेलने पर मजबूर हैं। क्षेत्र में तेंदुआ होने के छह दिन बीत जाने के बाद भी गांव में घरों के बाहर चौबारों व रास्ते और गलियां भी सुनी पड़ी रहती है। इसके चलते गांव की बड़ी मस्जिद में रोज एलान कराकर ग्रामीणों को बार बार सतर्कता बरतने को कहा जा रहा है। दिन ढल जाने के बाद सभी अपने पास लाठी डंडे रखकर रात भर जागने को विवश हैं। दो दिन पूर्व ग्रामीणों ने खुद लाठी व डंडे और भाले लेकर जंगलों में तेंदुए की तलाश की थी, लेकिन तेंदुए का कहीं पता नहीं चल सका था। ग्रामीण तेंदुए के खौफ से जीन को मजबूर हैं।
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