गाजीपुर बॉर्डर की ओर बढ़े जौला गांव के ग्रामीण
बुढ़ाना (मुजफ्फरनगर)। कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन को तेज करने के लिए भाकियू व अन्य दलों से जुड़े नेता व किसानों का अब गाजीपुर बार्डर पर पहुंचना आरंभ हो गया है। जौला गांव से गुलाम मोहम्मद और मो आरिफ के नेतृत्व में कई किसान ट्रैक्टर और कार के काफिले द्वारा गाजीपुर बार्डर की ओर रवाना हुए।
कृषि कानूनों के विरोध में भाकियू ने अब मोर्चा संभाल लिया है। भाकियू नेताओं की जौला गांव में हुई पंचायत में लिए गए निर्णय के अनुसार सोमवार को भी कई ग्रामीण व भाकियू नेता ट्रैक्टर व कार के काफिले के द्वारा गाजीपुर बार्डर की ओर रवाना हुए। गुलाम मोहम्मद जौला ने ग्रामीणों को कृषि कानून के दुष्प्रभाव बताए। उन्होंने ग्रामीणों को संगठन से जुड़ने का आह्वान किया। मौ. आरिफ ने कहा कि जब तक सरकार काले कानून वापस नहीं लेगी, किसानों का आंदोलन जारी रहेगा। क्षेत्र के गांव रसूलपुर दभेड़ी, जोगियाखेड़ा, लोई, सराय व फुगाना गांव में भी ग्रामीणों की बैठक का आयोजन हुआ। मीटिंग में सभी ग्रामीणों ने कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे किसान आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने का आह्वान किया। जौला गांव से गाजीपुर बार्डर जाने वालों में मुन्ना, इरशाद, ताहिर, जब्बार, बाबू व वसीम सहित कई ग्रामीण शामिल रहे।
गाजीपुर बार्डर पर किसानों के लिए राहत सामग्री भेजी
मंसूरपूर। कृषि कानूनों के वापसी की मांग को लेकर गाजीपुर बार्डर दिल्ली में चल रही किसानों के आंदोलन को समर्थन देते हुए गांव बोपाड़ा के ग्रामीण सोमवार को राहत सामग्री लेकर गाजीपुर बॉर्डर के लिए रवाना हुए। ग्रामीणों ने बताया कि सोमवार को फल, चीनी, दाल, चावल, गुड़, बिस्किट, रिफाइंड आदि खाद्य सामग्री भेजी गई है। गाजीपुर बार्डर पर जाने वालों में गौतम चौहान, सत्येंद्र प्रधान, राजू, सोनू ,टीटू, कुलदीप धनगर जयविंदर आदि शामिल रहे।
किसानों ने राशन-पानी लेकर दिल्ली कूच किया
मोरना। मोरना क्षेत्र से किसानों ने दिल्ली बॉर्डर पर चल रहे भाकियू के धरने में शामिल होने के लिए राशन पानी लेकर कूच किया। 26 जनवरी के बाद उपजे हालातों को लेकर दिल्ली बॉर्डर पर चल रहे भारतीय किसान यूनियन के धरने को मजबूती देने के लिए मोरना क्षेत्र से किसान धर्मपाल सिंह, गजेंद्र सिंह, विजेंदर सिंह, निर्देश कुमार, रवि, सुमित, माटु, परीक्षित, मोंटी आदि धरने में मौजूद किसानों के लिए खाने पीने की सामग्री लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दिल्ली की तरफ रवाना हुए।