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किसान का गन्ना खेत में, माफिया करा रहे तौलाई

Tue, 27 Dec 2016 12:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
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सड़क जाम कर धरना देते किसान। - फोटो : अमर उजाला
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शुक्रताल में गन्ना क्रय केंद्र पर गन्ना माफिया का हजारों कुंतल गन्ना लिए जाने और नियमित तौल नहीं होने से नाराज किसानों ने सड़क पर धरना देकर तीन घंटे जाम लगाया। पुलिस के समझाने पर भी किसान नहीं माने। किसानों की गंगा खादर सहित छह गन्ना क्रय केंद्रों पर नियमित रूप से छह हजार कुंतल गन्ना तौल कराए जाने पर सहमति बनी।      
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दि गंगा किसान चीनी मिल के अधीन शुक्रताल के किसानों का गन्ना अबकी बार खाईखेड़ी शुगर मिल के द्वारा लिया जा रहा। शुक्रताल में स्वामी कल्याण देव इंटर कॉलेज के सामने के प्लांट में गन्ना तौल के लिए कांटा लगा रखा है। किसानों का आरोप है कि केंद्र पर पिछले एक सप्ताह से नियमित तौल नहीं हो रही है, बल्कि गन्ना माफिया का केंद्र पर गन्ना लिया जा रहा है। जिसको लेकर किसानों में भारी आक्रोश है।

सोमवार को गांव इलाहाबास, फिरोजपुर, शुक्रतारी, शुक्रताल और गंगा खादर के किसानों ने हंगामा कर दिया। जाम लगाकर किसान सड़क पर धरना देकर बैठ गए। सूचना पर भाकियू जिला अध्यक्ष राजू अहलावत, सरवेंद्र राठी, योगेश शर्मा, ब्लाक प्रमुख अनिल राठी, अमित राठी, धर्मपाल राठी, प्रधान पुष्पेंद्र, बालिन्द्र आदि धरने पहुंचे। 
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नीरज रायल, दिलबाग सिंह, पलविंद्र सरदार, धर्मेंद्र शर्मा, ओमपाल सिंह, दिलबहार, गुरदयाल, मनोहर शर्मा, अजय कुमार, सुनील, मगेंद्र, सरबजीत आदि का कहना था कि शुक्रताल क्षेत्र के मुर्शीदाबाद, शकुरपुर, पुरुषोत्तमपुर, निर्दयालपुर व शुक्रताल आदि गांव को खाईखेड़ी शुगर मिल से जोड़ा गया था। किसानों का आरोप था कि पिछले 15 दिनों से केंद्र पर मात्र सात-आठ दिन ही गन्ना लिया गया। केंद्र पर गन्ना माफिया अपना गन्ना बेचने आते हैं, सिर्फ उनका ही गन्ना लिया जा रहा है। 

धरने पर पहुंचे सीओ अकील अहमद ने फोन पर अधिकारियों को अवगत कराते हुए मिल अधिकारियों को मौके पर भेजने की मांग की। मोरना मिल के ज्येष्ठ गन्ना निरीक्षक कृष्ण कुमार, विशेष सचिव यशपाल ढाका, खाईखेड़ा मिल से गन्ना केन मैनेजर अरुण, जोन इंचार्ज अरशद धरने पर पहुंचे। इन्होंने किसानों से बातचीत की। इस दौरान किसानों की मिल अधिकारियों के साथ नोकझोंक भी हो गई थी। बाद में प्रतिदिन केंद्र पर छह हजार कुंतल गन्ना लिए जाने पर सहमति बनी, तब कहीं जाकर तीन घंटे बाद धरना समाप्त हो सका।
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