मुजफ्फरनगर/छपार। दिल्ली में किसानों के आंदोलन में शामिल होने के लिए कूच कर रहे भारतीय किसान यूनियन (तोमर) के कार्यकर्ताओं और किसानों को प्रशासन ने रोक लिया। गुस्साए किसानों ने रामपुर तिराहे के पास धरना देकर दिल्ली-देहरादून हाईवे जाम कर दिया।
भाकियू तोमर के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजीव तोमर ने दिल्ली में धरना दे रहे संगठन के किसानों के समर्थन में शुक्रवार को दिल्ली पहुंचने की घोषणा की थी। आंदोलन में शामिल होने के लिए सहारनपुर, शामली, बिजनौर, मुरादाबाद आदि जनपदों से कार्यकर्ता, रामपुर चौराहे स्थित जिला कार्यालय पर एकत्र हुए। किसानों के दिल्ली कूच को देखते हुए जिला प्रशासन ने पहले ही भारी पुलिस बल यहां तैनात कर दिया। भाकियू तोमर के कार्यकर्ताओं का करीब सौ कारों का काफिला रामपुर कार्यालय से दिल्ली के लिए कूच कर गया, ये लोग जैसे ही बागोवाली पुलिस चौकी के सामने पहुंचे तो वहां प्रशासन ने बैरिकेडिंग लगाकर काफिले को रोक दिया। जिस पर किसानों और पुलिस के बीच तनातनी हो गई।
संजीव तोमर के नेतृत्व में कार्यकर्ता दिल्ली-दून हाईवे पर ही धरने पर बैठ गए। यात्रियों को दिक्कत न हो एक तरफ का ट्रैफिक खोल दिया। धरने को संबोधित करते हुए संजीव तोमर ने कहा कि प्रशासन की तानाशाही से उन्हे प्रशासन ने रोका है वे टकराव नहीं चाहते। उन्होंने कहा कि किसान विरोधी तीनों कानून सरकार वापस ले ओर गन्ने का भाव 450 रुपये क्विंटल करे। बकाया भुगतान 15 दिन में होना चाहिए। पत्ती या पराली जलाने पर किसान के विरुद्ध मुकदमा दर्ज नहीं होना चाहिए, जो हो गये हैं वे वापस हो। विद्युत निगम किसानों का उत्पीड़न कर रहा है यह बंद होना चाहिए।
प्रशासन के समझाने के बाद किसानों ने प्रधानमंत्री के नाम एसडीएम सदर दीपक कुमार को ज्ञापन दिया। राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रतिनिधि पवन त्यागी, जिला अध्यक्ष अखिलेश चौधरी, पश्चिमी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष सुदेश पाल, अंकुश चौधरी, सोमदत्त शर्मा, नरेश राणा, राजेंद्र पंवार, निखिल चौधरी, मुकेश गुर्जर, श्रवण त्यागी, अजय त्यागी, आशीष शर्मा, शहजाद, शाहनवाज राणा आदि किसान मौजूद रहे। ज्ञापन देन के बाद जाम खोल दिया। इस पर किसान फिर से दिल्ली जाने लगे, जिस पर पुलिस प्रशासन ने उन्हें रोककर वापस कर दिया। उन्हें दिल्ली नहीं जाने दिया।