किसान चार रुपये प्रति किलो लौकी बेचने को मजबूर
खतौली। क्षेत्र के किसानों को उनकी सब्जी का वाजिब दाम नहीं मिल पा रहा है। आसपास की मंडी बंद होने से कई स्थानों के किसान भी अपनी सब्जी खतौली में बेचने आ रहे हैं। यहां लौकी थोक में चार रुपये प्रति किलो बिक रही है, जबकि फुटकर में विक्रेता पांच गुना महंगी करीब 20 रुपये प्रति किलो बेच कर मुनाफा कमा रहे हैं।
कस्बा निवासी सब्जी की पैदावार करने वाले किसान हुकमसिंह, सोरन, बिट्टू, दीनू, राधेश्याम, रवि, राजू, ललित, गोविंद के खेत सफेदा रोड बाईपास पर है। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस के संक्रमण के फैलने से पहले सब्जी के दाम ठीक थे, लेकिन लॉकडाउन के बाद लावड़, सरधना, मेरठ आदि की सब्जी मंडी बंद है। इसलिए अपनी सब्जी खतौली मंडी में लाकर बेच रहे हैं। अधिक मात्रा में सब्जी पहुंचने के कारण सब्जी के दामों में भारी गिरावट आई है। किसान को उसकी फसल के लागत दाम भी नहीं मिल पा रहे हैं। मंडी में थोक में भाव में फरासबीन के दाम 6-8 रुपये प्रति किलो, खीरा 3-5 रुपये प्रति किलो, हरी प्याज 12-15 रुपये प्रति किलो, लौकी 3-4 रुपये प्रति किलो, पेठा 6-8 रुपये प्रति किलो बेचा जा रहा है, अन्य सब्जी का भी यही हाल है।