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34 वीं रैंक पाकर रीतू बनी डिप्टी कलक्टर

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17द्वठ्ठद्दष्द्ध02-चरथावल के महाबलीपुर की रीतू रानी बनीं डिप्टी कलक्टर - फोटो : MUZAFFARNAGAR
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किसान की बेटी ने भरी कामयाबी की उड़ान
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चरथावल (मुजफ्फरनगर)। किसान की बेटी रीतू रानी ने 34 वीें रैंक पाकर उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की परीक्षा में कामयाबी हासिल की है। बिटिया की सफलता की खबर पैतृक गांव महाबलीपुर में मिलते ही परिजन और ग्रामीण खुशी से झूम उठे। निरंतर हौसले के दम पर चौथे प्रयास में रीतू को यह सफलता मिली।
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गांव महाबलीपुर के किसान वेदपाल चौधरी की बेटी रीतू बचपन से मेधावी रही। उन्होंने चरथावल आर्य कन्या इटर कॉलेज से इंटर और महाराजा अग्रसेन कन्या महाविद्यालय से ग्रेजुएशन किया। इसके बाद ह्यूमन रिसोर्स से एमबीए किया, लेकिन उनका मकसद सिविल सेवा में क्षेत्र की सेवा करने का रहा। उसने एमबीए के बाद प्राइवेट जॉब को तरजीह नहीं दी। उसने दिल्ली जाकर सिविल सेवा की तैयारी शुरू कर दी। वर्ष 2015 से वह वहीं तैयारी करती रहीं और विद्यार्थियों को कोचिंग देती रही। तीन बार परीक्षा दी, लेकिन वह निराश नहीं हुई। उसने चौथी बार दिसंबर में हुई परीक्षा में हिस्सा लेकर कामयाबी की शानदार इबारत लिख गांव का गौरव बढ़ाया। हालांकि बेटी की सफलता के सुनहरे पल के दौरान पिता वेदपाल इस दुनिया में नहीं हैं। दो साल पहले उनका निधन हो गया था। रीतू बताती है कि जीवन में उसने कुछ अलग करने का लक्ष्य बनाया था। माता सरेमला और पिता वेदपाल की प्रेरणा ने हर पथ पर उन्हें आगे बढ़ने का मौका दिया। संसाधनों के अभाव में हौसला नहीं टूटने दिया। रीतू ने बताया कि आईएएस की तैयारी जारी रहेगी। उसने कहा कि नाकामी का मतलब हार नहीं, बल्कि कड़ी मेहनत से जीत हासिल करना है। तीन बार रिजल्ट में सफल नहीं हुई, उसके बावजूद मंजिल पाने का जुनून रहा। बड़ी बहन पारूल की शादी हो चुकी है। मां सरेमला, भाई रविंद्र और भगत, ओपिन चौधरी आदि ने मिठाई बांटकर खुशी का इजहार किया।
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