मुजफ्फरनगर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के लाभार्थियों में केसीसी से वंचित किसानों को तलाशना बैंक अधिकारियों के लिए जी का जंजाल बन गया है। किसानों के अलग-अलग बैंकों में खाते होने के कारण यह पता लगाना मुश्किल है कि किस किसान का क्रेडिट कार्ड कौन से बैंक से बना है। साथ ही कुछ किसानों के एक से ज्यादा किसान कार्ड बने होने का भी अंदेशा है।
शासन ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के प्रत्येक लाभार्थी को किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ देने के निर्देश दिए हैं। हालांकि जिले में पंजीकृत किसानों की संख्या के लगभग बराबर ही किसान क्रेडिट कार्ड बने हुए हैं लेकिन इनमें काफी संख्या में ऐसे किसान भी शामिल हैं जिन्होंने एक से ज्यादा बैंकों से कार्ड बनवा रखे हैं यानि कुछ किसानों के पास दो-दो कार्ड हैं जबकि कई के पास एक भी नहीं। ऐसे किसानों को तलाशने की जिम्मेदारी बैंकों को दी गई है। जिले में 28 बैंकों की 298 शाखाएं हैं। किसानों के बचत खाते अलग हैं जबकि किसान क्रेडिट कार्ड के खाते अलग।
पीएम किसान योजना में किसानों ने अपने बचत खाते का नंबर दिया है। बैंक अधिकारी उदाहरण देते हैं कि किसी किसान ने पीएनबी की शाखा में संचालित बचत खाते का नंबर पीएम किसान योजना में दे रखा है लेकिन उसका कृषि कार्ड किसी दूसरे बैंक से बना है। ऐसे में बैंक प्रबंधक कैसे पता लगाएं कि संबंधित किसान का कृषि कार्ड बना है या नहीं। बैंकों से आने वाली रिपोर्ट का मिलान करने में ही महीनों गुजर जाएंगे। इसके अतिरिक्त कुछ किसान सहकारी समितियों से भी ऋण लेते हैं। उनका मिलान कर पाना मुश्किल है।
आंकड़ों में 1606 किसान हैं वंचित
जिला स्तर पर जुटाए गए आंकड़ों के मुताबिक जिले में करीब 1606 किसान केसीसी से वंचित हैं। प्रधानमंत्री किसान योजना के तहत 254284 किसान पंजीकृत हैं जबकि विभिन्न बैंकों से 252678 कृषि कार्ड बने हुए हैं। इस तरह 1606 किसान वंचित हैं लेकिन समस्या यह है कि कुछ किसानों के एक से ज्यादा बैंकों से केसीसी बनवाने का अंदेशा है जबकि बहुत से किसानों का एक भी कार्ड नहीं बना। ऐेसे किसानों को तलाश करना मुश्किल हो रहा है।
इन्होंने कहा...
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के सभी लाभार्थियों के केसीसी बनाए जाने हैं। जो लोग वंचित हैं उनकी सूची बैंकों से मांगी गई है।
- जसवीर तेवतिया, उप निदेशक कृषि।
सभी बैंकों से केसीसी धारक किसानों की सूची मांगी गई है लेकिन यह लंबी प्रक्रिया है। किस किसान का केसीसी नहीं बना है, इसका मिलान करने में काफी समय लगेगा। - अमित बुंदेला, अग्रणी जिला प्रबंधक।