भोपा। कोरोना संक्रमण लोगों में खौफ उत्पन्न कर रहा है। वहीं, भोपा का एक परिवार कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रहा है। भोपा सीएचसी के लैब टैक्नीशियन और उनकी चारों बेटियां जंग में साथ हैं।
नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के गांव जट मुझेड़ा निवासी किशनलाल भोपा सीएचसी पर लैब टैक्नीशियन हैं। वह वर्ष 2020 से ही कोरोना के खिलाफ जंग में प्रशासन के साथ खड़े हैं। इस जंग में किशनलाल का स्वास्थ्य भी खराब हो चुका है परंतु वह स्वस्थ होते ही फिर सक्रिय हो गए हैं। किशनलाल की तीन बेटियां स्वास्थ्य विभाग कार्यरत हैं। वे भी अपनेे हिस्से आई कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रही हैं। किशनलाल की बड़ी बेटी आंचल गांव बेहड़ा थ्रू स्थित सीएचसी पर सीएचओ हैं। वे संक्रमितों को क्वारंटीन किए जाने के बाद उनकी देखरेख का जिम्मा संभाल रही हैं। दूसरी बेटी इंदू रानी भोपा सीएचसी पर एएनएम हैं। तीसरी बेटी सुषमा बतौर एएनएम मुजफ्फरनगर जिला अस्पताल में संक्रमितों की सेवा में लगी हैं। यही नहीं, किशनलाल की चौथी बेटी ऋतु भी एएनएम हैं। उनकी नियुक्ति स्वास्थ्य विभाग में नहीं है। इसके बावजूद ऋतु लोगों को कोरोना के प्रति जागरूक कर बचाव और उपचार के बारे में जानकारी दे रही हैं। किशनलाल का कहना है कि उनके पुत्र नहीं है, लेकिन चारों बेटियां बेटों से भी बढ़कर हैं।