लोगों ने कहा कि खुलासे में जो वजह दिखाई गई है, वह बेहद उलझी हुई है। मामले की सीबीआई जांच की मांग रखी गई। तय किया गया कि लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस में परिवार, जनप्रतिनिधि और पुलिस के बीच बातचीत होगी।
भाकियू जिलाध्यक्ष नवीन राठी ने कहा कि परिजनों का कहना है कि असली आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर है। पुलिस परिजनों को संतुष्ट करें, इसके बाद हमने तीन दिन का समय देकर पुलिस से कहा है कि भाकियू एसएसपी कार्यालय का घेराव करेगी। न्याय न मिलने तक धरना दिया जाएगा।