भारतीय दूतावास ने रूस के रक्षा मंत्रालय को ई-मेल भेजकर फंसे युवकों को मुक्त कराने की मांग की है। वहीं, तीनों युवकों के परिजनों ने पूर्व गन्ना मंत्री सुरेश राणा के साथ देश के रक्षा मंत्री से मुलाकात कर युवकों की सकुशल घर वापसी कराने की गुहार लगाई हैं। उधर, पढ़ने गए शक्ति पुंडीर के रूस की सेना के लिए एक साल के अनुबंध की जानकारी से बेचैनी बढ़ गई है।