मुजफ्फरनगर। आई फ्लू के बढ़ते संक्रमण के चलते स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है। डॉक्टरों का कहना है कि संक्रमित व्यक्ति जिस जगह को छूता है, वहां पर वायरस एक महीने तक सक्रिय रह सकता है। यही वजह है कि पीडि़त को आंखों पर हाथ नहीं लगाने की सलाह दी जाती है।
ओपीडी में रोजाना करीब 200 मरीज आई फ्लू के पहुंच रहे हैं। आई फ्लू के बढ़ते मरीजों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी की गई है, जिसमें लोगों को सफाई रखने, संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचने, समय पर बचाव और इलाज के निर्देश जारी किए हैं। नेत्र सर्जन डॉ. प्रेम ने बताया कि आई फ्लू किसी संक्रमित व्यक्ति को देखने से नहीं फैलता। बल्कि संक्रमित जगह को छूने से फैलता है। संक्रमित मरीज जिस जगह को छूता है, वहां वायरस एक माह तक जिंदा रह सकता है। ऐसे में इससे बचाव के लिए संक्रमित मरीज को आइसोलेट करना चाहिए।
- बचाव और सावधानी बेहद जरूरी
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. महावीर सिंह फौजदार ने बताया कि गर्मी के मौसम के अंत और मानसून की शुरुआत में यह बीमारी फैलती है। इस मौसम में नमी और मक्खियों की अधिकता के कारण यह संक्रमण होता है। हालांकि इससे घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन ऐसे में बचाव व सफाई जरूरी है।
- इस तरह करें बीमारी से बचाव
- आंखों को बार-बार हाथों से स्पर्श न करें। हाथों को नियमित अंतराल पर साबुन से धोते रहें।
- प्रभावित व्यक्ति की तौलिया, बिस्तर और रूमाल को को प्रयोग न करें।
- संक्रमित व्यक्ति की उपयोग की हुई वस्तुओं को छूने या उपयोग करने से बचें।
- घर आने पर हाथों को अच्छी तरह साबुन से साफ करें, बाहर जाएं तो चश्मा लगाएं।
- आंखों में जलन होने और लाल होने पर साफ पानी से धोएं।
- परिवार के किसी सदस्य को संक्रमण हो तो उसके सीधे संपर्क में आने से बचें। संक्रमित व्यक्ति से हाथ बिलकुल न मिलाएं ।
- बच्चों के प्रभावित होने पर उन्हें एक दो दिन स्कूल न भेजें।
- बच्चों को हल्का बुखार आए तो आई फ्लू पर नजर रखें।
इस तरह सेहतमंद रखें आंखें
- आंखों को गुनगुने पानी से साफ करें।
- आंखों को साफ करने के लिए किसी साफ कपड़े का प्रयोग करें।
- लक्षण दिखते ही चिकित्सक से परामर्श करें।