संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। जिला अस्पताल में ऑपरेशन के नाम पर रुपये मांगे जाने की शिकायत आम बात हो गई है। पांच दिन पहले आर्थोपेडिक विभाग में कार्यरत एक व्यक्ति की ओर से ऑपरेशन के नाम पर रुपये मांगने की शिकायत पर हंगामा हो गया था। एक बुजुर्ग समाजसेवी ने अस्पताल में धरना शुरू कर दिया था। इसके बाद अस्पताल स्टाफ को सीएमएस की ओर से सख्त हिदायत दी गई।
पांच दिन पहले शहर निवासी महिला कुंती देवी बेटे का पैर दिखाने के लिए जिला अस्पताल आई थी। कुंती देवी ने बताया था कि उसके बेटे का पैर टूट गया है। आरोप था कि आर्थोपेडिक डिपार्टमेंट में एक व्यक्ति की ओर से ऑपरेशन के नाम पर 16 हजार रुपये की मांग की गई।
इसके बाद समाजसेवी मनेश गुप्ता ने जिला अस्पताल के चिकित्सकों पर गंभीर आरोप लगाते हुए धरना प्रारंभ कर दिया था। सीएमएस डॉ. संजय वर्मा की ओर से उन्हें मामले की जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था, जिसके बाद धरना समाप्त हुआ था। मंगलवार को सीएमएस ने जिला अस्पताल ओपीडी सहित अन्य विभागों का निरीक्षण किया।
उन्होंने निर्देशित किया कि अस्पताल ओपीडी अथवा किसी भी स्थान पर मरीजों को छोड़कर बाहरी व्यक्ति नजर नहीं आना चाहिए। उन्होंने चिकित्सक और अन्य स्टाफ को मरीजों की सुविधा के लिए तत्पर रहते हुए गुणवत्तापूर्ण उपचार करने के निर्देश दिए। सीएमएस ने बताया कि ऑपरेशन के नाम पर रिश्वत लेने की बात फिलहाल सामने नहीं आई। बताया कि जिस महिला ने आरोप लगाए थे। उक्त मामले में ऑपरेशन के लिए रोड आदि बाहर से खरीदने की बात कही गई थी। बताया कि ऐसे मामलों में ऑपरेशन के दौरान जो भी रोड अथवा तार आदि पड़ता है, उसकी व्यवस्था जिला अस्पताल में नहीं है। बताया कि बावजूद शिकायत के मामले में वह जांच करा रहे हैं।