मुजफ्फरनगर के मंसूरपुर के गांव जड़ौदा में शुक्रवार सुबह एक घर में हुए धमाके से पूरा गांव दहल उठा। तेज विस्फोट से मकान के कमरों का प्लास्टर तक उखड़ गया और कांच की खिड़की, अन्य सामान टूट गया। तेज धमाके से गांव में भी अफरातफरी मच गई। सूचना पर डॉग स्क्वॉड व फोरेंसिक टीम के साथ पहुंचे अफसरों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।
मंसूरपुर थाना क्षेत्र के गांव जड़ौदा में हाईवे के पास स्थित बस स्टैंड के पास चंद्रपाल सैनी का मकान है। बृहस्पतिवार रात चंद्रपाल बेटे संदीप के साथ नीचे कमरे में सोए थे। जबकि उसकी पत्नी राधा व बेटी छत पर सोई थी। शुक्रवार तड़के करीब चार बजे अचानक कमरे में जबरदस्त विस्फोट हुआ। जिससे पूरा गांव दहल उठा। तेज धमाके से चंद्रपाल के मकान में दरारें आने के साथ ही उसके कमरों का प्लास्टर तक उखड़ गया और शीशे चकनाचूर हो गए। जोरदार आवाज से ग्रामीणों में भी दहशत फैल गई। उधर, चंद्रपाल के घर में भी चीख पुकार मच गई। जानकारी पर ग्रामीणों की भीड़ मौके पर एकत्र हो गई। घटना की सूचना पर सीओ खतौली आशीष प्रताप सिंह व इंस्पेक्टर मंसूरपुर संजीव कुमार मौके पर पहुंचे। डॉग स्क्वॉड व फोरेंसिक टीम को भी घटनास्थल पर बुलाकर मकान की जांच की गई, हालांकि घटनास्थल से कुछ भी आपत्तिजनक नहीं मिला। पूछताछ के लिए चंद्रपाल व उसकी पत्नी राधा को हिरासत में भी लिया गया, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया है।
गनीमत रही कि नहीं हुआ जान माल का नुकसान
मंसूरपुर। गांव जड़ौदा निवासी चंद्रपाल के मकान में शुक्रवार तड़के हुआ विस्फोट इतना भयंकर था कि उसका मकान क्षतिग्रस्त होने के साथ ही आसपास के मकान भी दहल उठे और अलमारियों में रखे सामान नीचे गिर गए और शीशे चटक गए। वहीं, जिस कमरे में विस्फोट हुआ। उसी कमरे में भरा गैस सिलिंडर भी रखा था। गनीमत रही कि विस्फोट के बाद आग नहीं लगी। यदि किसी कारणवश धमाके से कमरे में आग लगती या सिलिंडर धमाके की चपेट में आता तो बहुत बड़ा हादसा हो सकता था।
चंद्रपाल के मकान के एक कमरे में कपड़े में गंधक बांधकर रखी गई थी। जिसमें शुक्रवार तड़के किसी कारण से विस्फोट हो गया। चंद्रपाल व उसकी पत्नी राधा को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया है। - आशीष प्रताप सिंह, सीओ।
जिस कमरे में विस्फोट हुआ, उससे गंधक की दुर्गंध आ रही थी। जांच में वहां कपड़े में लिपटी हुई गंधक रखी होने व उसमें अचानक विस्फोट होने की जानकारी मिली है। परिवार के लोग साधारण हैं, जो आसपास फैक्टरी में मजदूरी करते हैं। पूछताछ में दंपती गंधक कहां से आई, यह तक नहीं बता सका। जांच के बाद पीड़ित दंपती को छोड़ दिया गया है। - संजीव कुमार, इंस्पेक्टर।