खतौली हाईवे बाईपास में अधिग्रहण की गई किसानों की भूमि का बकाया मुआवजा, नावला कोठी और भंगला कट पर दुर्घटना रहित जोन बनाए जाने की मांग को लेकर भाकियू ने जमकर हंगामा किया। किसानों की जमीन के बकाया मुआवजे की मांग को लेकर भाकियू जिलाध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं के साथ बाईपास पर पहुंच कर सड़क मरम्मत का कार्य ठप कर दिया। तीन इंजीनियरों समेत मजदूरों को बंधक बना लिया गया।
हाईवे बाईपास पर टोल प्लाजा की ओर से सड़क मरम्मत का कार्य चल रहा है। सोमवार को भाकियू जिलाध्यक्ष राजू अहलावत तथा ब्लाक अध्यक्ष कपिल सोम के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने बाईपास पर पहुंच कर आरसीएम कंपनी के इंजीनियर प्रवीण कुमार, अखिलेश शुक्ला, अमित कुमार तथा सड़क मरम्मत कार्य में लगे मजदूरों को बंधक बनाकर बैठा लिया। इस काम में लगी मशीनों को भी किसानों ने कब्जे में ले लिया।
जिलाध्यक्ष ने बताया कि बाईपास में अधिग्रहण की गई 32 ग्रामों के किसानों की भूमि का मुआवजा नहीं दिया गया है। नावला कोठी, भंगेला कट पर कार्य अधूरा होने की वजह से दर्जनों दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। जिसको लेकर कई बार टोल प्लाजा अधिकारियों से वार्ता की जा चुकी है, मगर कोई कार्य नहीं कराया गया है।
जिलाध्यक्ष ने चेतावनी दी कि जब तक किसानों को भुगतान तथा दोनों कट पर दुर्घटना रहित जोन नहीं बनाया जाता तब तक कार्य बंद रखा जाएगा। इस दौरान जितेंद्र कुमार, कपिल सोम, पीतम सिंह, मनोज सहरावत, डॉ. संजीव, बिट्टू तिगाई, सोनू, शेरू, भानू, मांगे, ब्रजवीर, अमरीश, लीलू, विक्रम सिंह आदि मौजूद रहे।
11 करोड़ रुपये एनएचएआई को दिए
हाईवे बाईपास पर सड़क मरम्मत में लगे इंजीनियरों को बंधक बनाने की सूचना पर पहुंचे टोल प्लाजा के जीएम मेंटीनेंस ब्रजेश सिंह ने बताया कि दोनों कट पर दुर्घटना जोन बनाने के लिए उन्होंने एनएचएआई को 11 करोड़ रुपये करीब दो माह पूर्व दिए हैं। जिलाध्यक्ष ने कहा कि रुपये लेने के बाद भी एनएचएआई ने कोई कार्य नहीं कराया है।