पुरकाजी में कुरैशी बिरादरी की बैठक में मौजूद लोग। स्रोत आयोजक
पुरक़ाज़ी। क़ौम में बेदारी और तालीमी तरक़्क़ी के लिए चेयरमैन ज़हीर फ़ारूकी के फ़ार्म हाउस पर कुरैशी बिरादरी की खास बैठक हुई। शादियों में फिजूलखर्ची, डीजे, नाच गाने और आतिशबाजी जैसे फालतू खर्चों पर मुकम्मल पाबंदी लगाकर निकाह सादगी से करने पर बल दिया।
बैठक की अध्यक्षता दिल्ली से तशरीफ़ लाए मौलाना आक़िल ने की। बैठक का मुख्य मक़सद समाज में फैली बुराइयों को ख़त्म करना और तालीम व तरबियत को आम करना रहा।मौलाना ने क़ुरआन और हदीस की रोशनी में मुसलमानों को ज़िंदगी गुज़ारने के तरीक़े बताए और ख़ुद को क़ुरैशी लिखने वालों को अल्लाह के रसूल के क़बीले के नाम की इज़्ज़त और एहतराम करने की तालीम दी। उन्होंने ज़िंदगी में बुराइयों को छोड़कर नेक अमल पर ज़िंदगी गुज़ारने की नसीहत देते हुए क़ुरआन व हदीस के रास्ते पर ज़िंदगी गुज़ारने और नमाज़ को अपनी ज़िंदगी का अहम हिस्सा बनाने पर ज़ोर दिया गया नौजवानों को दहेज़ न लेने और अपनी मेहनत की कमाई से घरों में ज़रूरत का सामान पैदा करने की हिदायत दी गई। निकाह सादगी के साथ किए जाएं।
बैठक में पुरकाजी चेयरमैन जहीर फारूकी ने कहा कि वक़्त आ गया है कि हम अपनी नई नस्ल को तालीम और तरक़्क़ी की राह पर ले जाएं। ताकि समाज में इल्म और शऊर की रोशनी फैले और क़ुरैशी बिरादरी एक नई पहचान इल्म और अमल के ज़रिए बना सके। बैठक में रशीद अहमद, सईद मेंबर, जाने आलम, नदीम अहमद, आलम कुरैशी, तक़ी क़ुरैशी, महबूब क़ुरैशी, सोनू आढ़ती, इनाम क़ुरैशी, ग़ुड्डू क़ुरैशी आदि मौजूद रहे।