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उलेमा इकरामों ने तालीम पर जोर दिया        

Wed, 02 Nov 2016 12:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
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सूजड़ू गांव में कार्यक्रम को संबोधित करते उलेमा। - फोटो : अमर उजाला
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सुजडू गांव की खालसा पट्टी के मदरसा फैजुल इस्लाम में शरीयत कांफ्रेंस का आयोजन हुआ। सभी उलेमा इकराम ने कौम की बेहतरी के लिए बच्चों की तालीम पर जोर दिया। वक्ताओं ने मुसलमानों से भाईचारे का संदेश देकर मिसाल कायम करने की बात कही।       
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मुफ्ति बरयामीन ने कहा कि हिंदुस्तान में बसने वाले लोग आपसी सौहार्द से रहते हैं। भाईचारे को तोड़ने के लिए कुछ सियासी पार्टियां लगी हैं। हिंदुस्तान के लोगों की धार्मिक स्वतंत्रता को खत्म करने की कोशिश की जा रही है। हमारे देश की पहचान अलग-अलग संस्कृति यानि विविधता से है।

इस पहचान को खत्म करने की कोशिश की जा रही है। सियासी पार्टियां वोट के लिए ध्रुवीकरण पर लगी हैं। बागोंवाली के मुफ्ती हसन ने कहा कि मुसलमान समाज और देश में भाईचारे का संदेश देकर मिसाल कायम करें। उन्होंने कहा कि शरीयत के कानून को किसी भी तरह से संशोधन कर अमलीजामा नहीं पहनाया जा सकता। मौलाना इकबाल ने कहा कि हिंदुस्तान में यक्सा सिविल कोड नहीं लाया जा सकता।
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मुस्लिम पर्सनल लॉ में किसी भी तरह के संशोधन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आयोजनकर्ता मुफ्ती रागिब ने कहा कि हिंदुस्तान के गुलशन में हर तरह के फूल खिलते हैं। इन फूलों को मुरझाने की कोशिश हो रही है। पीएम नरेंद्र मोदी मुस्लिम औरतों का हक दिलाने की बात करते हैं। वह पहले आधी आबादी को बराबरी का हक दिलाएं।

इस्लाम ने जिस प्रकार मर्दों को तलाक के सहारे निकाह तोड़ने की इजाजत दी है, वैसे ही महिलाओं को खुला के सहारे अपने शौहर से अलग होने का हक दिया है। जिला पंचायत सदस्य अब्दुल्ला राना ने कहा कि यूनिफार्म सिविल कोड से देश में भाईचारा समाप्त हो जाएगा। संचालन मुफ्ती आदिल ने किया। मौलाना सुहेब, शाकिर राना, शब्बू उर्फ शाहबाज, सलमान राना, सादिक अहमद, आजम का सहयोग रहा।       
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