मुजफ्फरनगर। पिछले साल के मुकाबले अधिक तप रहे मई माह में बिजली की खपत 20 प्रतिशत से अधिक बढ़ गई है। पिछले साल मई माह में 900 मेगावाट प्रतिदिन बिजली की खपत हो रही थी, जो इस समय 1400 मेगावाट तक पहुंच गई है। अकेले मई में पिछले वर्ष 310 मिलियन यूनिट बिजली खपत हुई थी जो इस इस बार यह 410 मिलियन यूनिट पर पहुंच गई है। यह स्थिति तब है जबकि मई माह अभी समाप्त नहीं हुआ है।
गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली आपूर्ति निर्बाध रखने में ऊर्जा को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कहीं लो वोल्टेज की समस्या है तो कहीं ट्रांसफार्मर फुंक रहे हैं। मई में अभी तक करीब 250 करोड़ रुपये की बिजली की खपत हुई है, जो पिछले साल के मई माह से 70 करोड़ रुपये अधिक है। पिछले साल मई माह में 180 करोड़ रुपये की बिजली की खपत हुई थी। इतना ही नहीं ओवरलोड के चलते जिले में रोजाना औसतन 80 ट्रांसफार्मर फुंक रहे हैं। लाइन में फॉल्ट के मामले भी सामने आ रहे हैं।
वर्जन
चीफ इंजीनियर पवन अग्रवाल का कहना है कि इस बार गर्मी अधिक होने से 20 प्रतिशत बिजली की खपत बढ़ी है। अधिकारी बिजलीघरों का नियमित निरीक्षण कर रहे हैं। शहरी क्षेत्रों में निर्बाध आपूर्ति हो रही है।
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विद्युत व्यवस्था सुचारु कराने की मांग, ऊर्जा मंत्री को भेजा पत्र
खतौली। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल नगर अध्यक्ष राजेश जैन, मुकेश तायल, भावेश गुप्ता और अरविंद वर्मा ने प्रदेश के ऊर्जा मंत्री अरविंद शर्मा को भेजे पत्र में बताया कि नगर एक प्रमुख व्यापारी केंद्र होने के साथ ही यहां पर तहसील मुख्यालय भी है। यहां विद्युत आपूर्ति व्यवस्था बेहद लचर हो गई है। कई घंटे बिजली गुल रहती है। विद्युत निगम का कोई अधिकारी यहां पर निवास नहीं करता है, जिस कारण विद्युत आपूर्ति के बारे में बात करने पर उनसे कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिलता है। अधिकारियों को गली मोहल्लों में अभियान चलाकर विद्युत आपूर्ति में सुधार करना चाहिए। इसके अलावा माह में एक बार जनप्रतिनिधियों और व्यापारियों के साथ विद्युत अधिकारियों द्वारा बैठक करने की मांग की गई। संवाद