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हाउस डेकोरेट करने वाला बनेगा जज

Sun, 07 Aug 2016 12:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर
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education - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मुजफ्फरनगर। मन में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो हर मंजिल आसान हो जाती है। इसी के चलते रिटायर्ड लाइनमैन नाजिम के बेटे साजिद ने पहले प्रयास में ही यूपी पीसीएस-जे की परीक्षा पास कर ली। उसे 131वां स्थान मिला है। साजिद एल्युमीनियम शीट से घर सजाने का काम करते था। साजिद के जज बनने से परिजनों में खुशी की लहर दौड़ गई।  
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शहर के निकटवर्ती गांव शेरनगर निवासी नाजिम नगर पालिका के पथ प्रकाश विभाग में लाइनमैन थे। वह फरवरी माह में ही सेवानिवृत्त चुके हैं। उन्होंने बताया कि बड़े बेटे मोहम्मद साजिद ने गत वर्ष अक्तूबर में यूपी पीसीएस-जे की परीक्षा दी थी। 25 अप्रैल को इंटरव्यू हुआ था। साजिद तीन दिन पहले लखनऊ गए थे।

शुक्रवार रात में परीक्षाफल घोषित हुआ, जिसमें उसने शानदार सफलता हासिल की। उन्होंने बताया कि साजिद ने हाईस्कूल और इंटर एसडी इंटर कॉलेज से, एमकॉम एसडी डिग्री कॉलेज से, एलएलबी डीएवी कॉलेज से उत्तीर्ण की। उसने वकालत करते हुए एमबीए किया। वर्तमान में वह एल्युमीनियम शीट से हाउस डेकोरेट का कार्य कर रहे थे।
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सजिद का कहना है कि उसका सपना जज बनने का था, जो अब पूरा हुआ। उन्होंने फोन पर बताया कि उनकी कोशिश होगी की वादकारियों को समय पर न्याय सुलभ हो। साजिद की इस कामयाबी से पत्नी रुखसाना, बेटा सुहेल, बेटी सानिया, पिता नाजिम, मां वशीला, छोटे भाई आबिद अली, बहनें आबिदा, शमरोजा, सईदा, मुसईदा, साहिबा, ताऊ हाजी हाकम अली, मौसम अली, मासूक अली समेत सभी बहुत खुश हैं।

पड़ोसी मेहरबान अली, शरद राजवंशी, दिलशाद, हसन, यूनुस पहलवान, साहिल, शरीफ, इस्लामुद्दीन आदि का कहना है कि मोहम्मद साजिद ने अपनी सफलता से गांव का नाम रोशन किया है। उससे ज्यादा पढ़ा-लिखा गांव में कोई नहीं है और वह जज बनने वाला गांव का पहला युवक है। उस पर पूरे गांव को नाज है।
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