ईलम सिंह को नियुक्ति पत्र देते शिवपाल सिंह।
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सभी अटकलों पर विराम लगाते हुए प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने शनिवार को जिलाध्यक्ष बच्ची सैनी को हटाकर ईलम सिंह गुर्जर की ताजपोशी कर दी है। पांच साल के कार्यकाल पूरा होने के बाद हाईकमान ने देर से ही सही ईलम सिंह खेमे को खुश कर दिया।
पुरकाजी क्षेत्र के तेजल हेड़ा के मूल निवासी और सपा नेता ईलम सिंह गुर्जर पहले भी पार्टी में जिलाध्यक्ष रह चुके हैं। जिले में पूर्व कैबिनेट मंत्री और एमएलसी वीरेंद्र सिंह के बाद ईलम सिंह की गिनती बड़े गुर्जर नेताओं में होती है, लेकिन पिछले पांच साल उनके लिए किसी वनवास से कम नहीं रहे। एक समय में पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव और शिवपाल सिंह यादव से इलम सिंह की काफी नजदीकियां रहीं। नई सरकार के गठन के बाद से ही इलम सिंह बेगाने रहे। उनकी कई मुलाकातें शीर्ष नेताओं से हुई, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला।
पहले सतेंद्र सैनी के जिलाध्यक्ष घोषित होने के समय भी ईलम सिंह का नाम जिलाध्यक्ष बद के लिए काफी चला था, लेकिन ऐन वक्त पर बाजी सतेंद्र सैनी के हाथ लगी। दंगे के बाद बदले हालात के चलते पार्टी ने सतेंद्र को हटाकर उन्हीं की बिरादरी के बच्ची सैनी को जिलाध्यक्ष बनाया। बच्ची के जिलाध्यक्ष बनने के बाद से ही उन्हें हटाने की चर्चाएं जोरों पर थी। हालांकि बच्ची को खतौली से पार्टी ने प्रत्याशी भी घोषित कर रखा है, ऐसे में उनके हाथ से जिलाध्यक्ष पद का जाना तय माना जा रहा था। शुक्रवार को प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने फोन कर ईलम सिंह गुर्जर को जिलाध्यक्ष बनाने की जानकारी देकर लखनऊ बुलाया। शनिवार को लखनऊ में शिवपाल ने ईलम सिंह को जिलाध्यक्ष बनाने की घोषणा कर दी।