मुजफ्फरनगर। समायोजन रद होने से नाराज शिक्षामित्रों का आंदोलन पांचवें दिन भी जारी रहा। रविवार को शिक्षामित्रों ने हाथों पर काली पट्टी बांधकर जुलूस निकाला और नारेबाजी। शिक्षामित्रों ने प्रदेश सरकार से नौकरी या फांसी दिए जाने की मांग रखी है। आक्रोशित शिक्षामित्रों ने एलान किया कि बहाल न होने तक स्कूल नहीं जाएंगे।
सुप्रीम कोर्ट ने बड़े स्तर पर शिक्षामित्रों का सहायक अध्यापक के पद हुआ समायोजन रद कर दिया है। इससे प्रदेशभर में पौने दो लाख शिक्षामित्र एक झटके में अर्श से फर्श पर आ गए। समायोजन रद होने पर शिक्षामित्रों में उबाल आ गया। संयुक्त शिक्षामित्र संघर्ष मोर्चा के बैनर तले कलक्ट्रेट में आंदोलन किया जा रहा है।
रविवार को कलक्ट्रेट में धरने पर वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार संविधान में संशोधन कराकर शिक्षामित्रों को पुन: बहाल कराए। सरकार यदि नौकरी बहाल नहीं कर सकती है तो उन्हें फांसी की सजा दिला दी जाए। इसके बाद आक्रोशित शिक्षामित्रों ने हाथों में काली पट्टी बांधकर शहर में जुलूस निकाला। एलान किया कि बहाल न होने तक स्कूलों में नहीं जाएंगे।
सोमवार को शिवचौक समेत शहर में अर्द्घनग्न होकर प्रदर्शन की चेतावनी दी है। सतेंद्र बालियान, विचित्र बालियान, इनाम सिंह चौहान, ब्रजपाल ठाकुर, अनिल ठाकुर, गांधी राम, इकलेश, पंकज शर्मा, सोनिया त्यागी, सोनिया, अनुज वीर, गीता बालियान, वीरपाल, जयवीर, राजवीर, रविंद्र, अक्षय, पंजाब सिंह, मालती देवी, गोहर खातून, सुमन, सोनू, राजीव तोमर, विजय पाल आदि मौजूद रहे।