मुजफ्फरनगर। दुर्गाष्टमी पर घरों में अनुष्ठान पूर्ण किए गए। माता के प्रतीक रूप में कन्याओं का पूजन कर उन्हें भोजन ग्रहण कराया। इस दौरान हाथों में भोजन की थाली लेकर जाती हुई कन्याएं देखी गईं। मंदिरों में श्रद्धालुओं की कतार रही।
नवरात्र में बुधवार को दुर्गाष्टमी मनाई गई। सुबह घरों में विशेष पूजा-अर्चना की गई। धार्मिक अनुष्ठान करते हुए सुख समृद्धि की कामना की गई। निमंत्रण पर कन्याएं बुलाई गईं। माता का स्मरण करते हुए कन्याओं का पूजन किया गया। स्वादिष्ट भोजन परोसे गए।
शहर के मंदिरों में घंटियां गूंजती रहीं। माता के दर्शन करने वालों की कतार लगी रही। मंदिरों के समीप मेले जैसा माहौल रहा। श्रद्धालुओं ने माता की स्तुति के बाद प्रसाद वितरित किया। कई भक्तों ने भंडारा किया। मां की महिमा का गुणगान करते हुए व्रत खोला। हिंदु धर्म की मान्यता के अनुसार नवरात्र के व्रत रखकर की जाने वाली मनोकामना माता अवश्य पूरी करती हैं।
मंदिर में मां के नौ स्वरूप की आराधना फलदायी होती है। धार्मिक दंत कथाओं में माता के अलग-अलग स्वरूप की भिन्न-भिन्न कथाएं सुनना भी कल्याणकारी माना गया है। जिसका पुण्य फल सभी भक्तों को प्राप्त होता है।