नए नियमों के फेर में फंसे हजारों वाहन चालक
मुजफ्फरनगर। वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने के आदेशों से वाहन चालकों की मुश्किलों में इजाफा हो गया है। एक ओर जहां, ऑनलाइन आवेदन में नंबर प्लेट डिलीवरी की वेटिंग तिथि मई तक जा पहुंची है, वहीं एआरटीओ की लापरवाही ने भी वाहन मालिकों को उलझाकर रख दिया है।
शासन ने हाल ही में वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट को अनिवार्य कर दिया है, जिसके बिना संबंधित विभाग में वाहन को लेकर किसी तरह का काम नहीं होगा। इस नए नियम के फेर में जनपद में हजारों वाहन मालिकान फंसकर रह गए हैं, जिसके पीछे एआरटीओ अफसर का गैरजिम्मेदारपूर्ण रवैया बड़ा कारण है। दरअसल, करीब सात माह पूर्व जिले से एआरटीओ प्रवर्तन का स्थानांतरण हो गया था, जिसके बाद से विनीत मिश्रा पर ही प्रशासन के साथ प्रवर्तन का भी अतिरिक्त प्रभार है, जिससे वे दफ्तर में अधिकांश समय अनुपस्थित रहते हैं।
ऐसे में जिन लोगों ने नया नियम आने से पहले दो हजार से ज्यादा लोगों ने अपने वाहन से संबंधित ट्रांसफर, आरसी, डुप्लीकेट आरसी, एनओसी (नो-ड्यूज) और एचपीए (हाई-परचेज) और एचपीए संबंधित आवेदन विभाग में किए थे, वे सभी बीते चार फरवरी से विभाग में एआरटीओ के आदेश के इंतजार में लंबित हैं। इन आवेदनों की कुल संख्या दो हजार से भी अधिक है। वहीं, शासन ने वाहन संबंधी किसी भी काम के लिए वाहन में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट अनिवार्य कर दी है, जिसके चलते ये सभी वाहन मालिक मुश्किल में फंस गए हैं।
दरअसल, सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद केवल अफसर के आदेश के अभाव में लटके ये सभी कागजात अब वाहन मालिकों को तभी मिल पाएंगे, जब उनके वाहन में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगी होगी। वहीं, ऑनलाइन आवेदन करने पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट की डिलीवरी डेट की मई तक वेटिंग हो चुकी है। इससे बिना कागजात ये वाहन अब सड़कों पर भी नहीं चल पाएंगे। वहीं एआरटीओ द्वारा ही ऐसे वाहनों के चालान भी काटने शुरू कर दिए गए हैं।