खतौली में रेलवे ट्रैक का निरीक्षण करते अधिकारी।
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खतौली रेलवे संरक्षा आयोग के आयुक्त शैलेश पाठक ने मेरठ से खतौली से तक डबल ट्रैक को हरी झंडी दे दी है। हालांकि दौराला से खतौली तक कई स्थानों पर सिग्नल की थोड़ी खामियां बताई हैं, जिन्हें जल्द ही दुरुस्त कर लिया जाएगा। खामियां ऐसी नहीं है कि जो रेल संचालन में बाधा बन जाए। लिहाजा दोहरे ट्रैक पर शनिवार से ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। इससे फुल स्पीड पर आयोग ट्रेन दौड़ाकर परीक्षण पर अंतिम मुहर लगाएगा।
रेलवे संरक्षा आयोग (सीआरएस) के कमिश्नर शैलेश कुमार पाठक ने शुक्रवार को दौराला, सकौती से लेकर खतौली तक रेलवे के डबल ट्रैक का इलेक्ट्रॉनिक ट्रॉली के माध्यम से निरीक्षण किया। सीआरएस ने करीब 17 किमी तक ट्रैक का निरीक्षण किया।
इस बीच कई स्थानों पर ट्रॉली रुकवाकर ट्रैक के साथ सिग्नल की जांच की गई। सीआरएस एसके पाठक ने बताया कि डबल ट्रैक को बेहतर तरीके से बिछाया गया है। लेबिल क्रॉसिंग के साथ विद्युत कार्य भी सही मिला है। हालांकि कई जगहों पर सिग्नल में थोड़ी खामियां हैं, जिन्हें दुरुस्त करने के लिए तत्काल अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
हालांकि उन्होंने दोहरे ट्रैक को हरी झंडी दे दी है, लेकिन उससे पहले स्पेशल ट्रेन को 120-125 किमी की स्पीड से दौड़ाकर परीक्षण होगा, ताकि ट्रैक की खामियों का बारीकी से पता चल सके। हालांकि सिग्नल की खामी ऐसी नहीं है कि ट्रेनों का संचालन होने में दिक्कत आए।
ऐहतियात के तौर पर निरीक्षण करने के बाद अंतिम मुहर लगेगी। बता दें कि डबल ट्रैक पर पिछले पांच दिनों से दौराला, सकौती और खतौली के बीच में नॉन इंटरलॉकिंग का कार्य किया जा रहा है। जिसके चलते दिल्ली-टपरी वाया मेरठ-सहारनपुर मंडल की आधा दर्जन ट्रेन रद है, जबकि कई का रूट बदला हुआ है। अब शनिवार से यह ट्रेनें इसी मार्ग से चल सकेंगी। डबल ट्रैक चालू होने से ट्रेनों की लेटलतीफी कम होगी।