बिना इस्तीफा दिए दूसरे जिले में कर रहा नौकरी
मुजफ्फरनगर। बेसिक शिक्षा विभाग में मानव संपदा पोर्टल पर हो रही कर्मचारियों की डाटा फीडिंग में नए-नए मामले उजागर हो रहे हैं। एक ही व्यक्ति की डिग्री पर दो लोगों के शिक्षक की नौकरी करने के प्रकरण के बाद अब नया मामला सामने आया है। जिले में तैनात रहा एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी यहां बिना इस्तीफा दिए लखीमपुर में शिक्षक बन गया। मामला पकड़ में आने के बाद अब उसे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद से बर्खास्त किया गया है।
मुजफ्फरनगर निवासी धीरज दीप बेसिक शिक्षा विभाग में 2002 में चतुर्थ श्रेणी के पद पर नियुक्त हुआ था। उसने यहां जनवरी 2015 तक नौकरी की और फिर बिना किसी सूचना के गायब हो गया। इन दिनों बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षकों एवं कर्मचारियों का डाटा मानव संपदा एप पर फीड किया जा रहा है। डाटा फीडिंग के दौरान पता लगा कि धीरज दीप लखीमपुर खीरी जिले में बेसिक शिक्षा विभाग में ही शिक्षक के पद पर तैनात है। इसका पता लगने पर उसकी छानबीन शुरू की गई। बेसिक शिक्षा अधिकारी राम सागरपति त्रिपाठी का कहना है कि धीरज दीप बिना इस्तीफा दिए ही चला गया था। जनवरी 2015 के बाद जिले से उसका वेतन जारी नहीं किया गया। पता लगा है कि लखीमपुर में उसकी नियुक्ति 2017 में हुई है। वह वहीं पर नौकरी कर रहा है। उन्होंने बताया कि धीरज दीप को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद से बर्खास्त कर दिया गया है।
फर्जीवाड़ा: शिक्षक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की तैयारी
मुजफ्फरनगर। एक ही डिग्री पर दो लोगों के नौकरी करने के मामले में बेसिक शिक्षा विभाग में लगातार माथापच्ची चल रही है। जिले में नौकरी कर रहा व्यक्ति नवंबर 2019 से लापता है, जबकि बरेली में नियुक्त प्रदीप कुमार सक्सेना ने स्वयं को सही बताते हुए इस मामले में वहां रिपोर्ट दर्ज करा दी है। जिले के अधिकारी भी इस रिपोर्ट को आधार बनाकर कार्रवाई करने की तैयारी में जुटे हैं।
प्रदीप कुमार सक्सेना की डिग्री पर बरेली और मुजफ्फरनगर के पुरकाजी ब्लॉक में दो लोग शिक्षक की नौकरी करते पाए गए। बरेली में तैनात शिक्षक ने स्वयं को असली प्रदीप कुमार सक्सेना बताते हुए इस मामले में वहां रिपोर्ट दर्ज करा दी है। उसका आरोप है कि उसके शैक्षिक प्रमाण पत्रों की डुप्लीकेट कापियां निकलवाकर कोई अन्य व्यक्ति नौकरी कर रहा है। बीएसए रामसागर पति त्रिपाठी ने बरेली बीएसए से पूरी रिपोर्ट मंगाई है। इसी को आधार बनाकर जिले में नियुक्त व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बीएसए ने बताया कि यहां नौकरी कर रहा व्यक्ति नवंबर 2019 से लापता है। खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा उसके पते पर भेजा गया नोटिस भी वापस आ गया। उसका मोबाइल नंबर भी लगातार बंद आ रहा है। प्रदीप कुमार सक्सेना के बरेली में मौजूद होने से साफ है कि यहां पर जो व्यक्ति नौकरी करने वाला व्यक्ति कोई और है जिसने डुप्लीकेट कागजों के जरिए नौकरी हासिल की। मामले का खुलासा होने के डर से वह लापता हो गया। बीएसए का कहना है कि मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने के साथ ही बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाएगी।