मुजफ्फरनगर में आखिर वही हुआ जिसकी संभावना थी। एनजीटी के आदेश के तहत प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से नोटिस जारी करने पर जिले की सभी आठ चीनी मिलें और इंडस्ट्री बंद नहीं हो सकी हैं। पेराई सत्र के दौरान अचानक 14 नवंबर तक शुगर मिल बंद करने के नोटिस जारी किए जाने से किसानों में उबाल है। उधर, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड नोटिस जारी करने के बाद मॉनिटरिंग कर रहा है कि कौन-कौन इंडस्ट्री बंद नहीं हुई है। उसे आगामी कार्रवाई के लिए विभाग के आदेशों का इंतजार है।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में बढ़े प्रदूषण को लेकर इंडस्ट्रियों के संचालन पर 14 नवंबर तक रोक लगाई है, ताकि वायु प्रदूषण से कुछ राहत मिल सके। एनजीटी के आदेश का हवाला देकर शुक्रवार को क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जनपद की सभी आठ शुगर मिलों समेत 123 इंडस्ट्रियों को नोटिस जारी कर 14 नवंबर तक अपनी मशीनरी के साथ उत्पादन को बंद रखेंगे को कहा था। नोटिस से शुगर मिलों और इंडस्ट्रियों में हड़कंप मच गया था। मगर, किसी ने भी नोटिस को तरजीह नहीं दी। जिले की न तो कोई शुगर मिल बंद हुई और न ही कोई इंडस्ट्री। वर्तमान में शुगर मिलों में गन्ना पेराई सत्र चल रहा है। अचानक मिल बंद करने के नोटिस से किसानों में क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रति काफी आक्रोश है। उधर, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड नोटिस के बाद मॉनिटरिंग कर रहा है कि कौन सी औद्योगिक इकाईयां बंद हुई हैं।
तीन माह का इंडेंट जारी है: डीसीओ
जिला गन्ना अधिकारी ओमप्रकाश यादव ने बताया कि जिले की कोई भी शुगर मिल बंद नहीं हुई है, सभी मिल चल रही हैं। वर्तमान में पेराई पत्र चल रहा है। शुगर मिलों की ओर से तीन माह तक का गन्ना इंडेंट जारी किया गया है, ऐसे में शुगर मिल बंद नहीं हो सकती हैं।
विभाग के आदेश का इंतजार है: विवेक
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी विवेक राय का कहना है कि एनजीटी के आदेश पर नोटिस की कार्रवाई की गई है। शुगर मिलों और औद्योगिक इकाईयों को 14 नवंबर तक बंद रखने के आदेश दिए गए हैं, जो औद्योगिक इकाईयां बंद नहीं होगी, उनके खिलाफ क्या कार्रवाई होगी, इसके लिए विभागीय आदेश का इंतजार है।
कोल्हुओं की भी निगरानी शुरू
मुजफ्फरनगर। एनसीआर क्षेत्र में बढ़ने वाले वायु प्रदूषण के मद्देनजर एनजीटी ने कोल्हुओं की भी मॉनिटरिंग करने के दिए आदेश हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड मॉनिटरिंग में लगा है, मगर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पास कोल्हुओं को लेकर कोई गाइड लाइन नहीं है, क्योंकि विभाग ने कोल्हुओं का कोई मानक तय नहीं किया है।
एनजीटी का मानना है कि वायु प्रदूषण का कारण कोल्हू भी हैं, क्योंकि कोल्हू से भी बहुत धुआं निकलता है। इसलिए एनजीटी ने कोल्हुओं की भी मॉनिटरिंग के आदेश दिए हैं। जनपद में भी कोल्हू का व्यापक उद्योग है।
छपार, रोहाना, पुरकाजी, मोरना, भोपा, ककरौली, जानसठ, खतौली, रतनपुरी, बुढ़ाना, शाहपुर, तितावी, चरथावल आदि स्थानों पर मौजूदा समय में भी करीब 800 कोल्हू चल रहे हैं। एक माह पहले क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कोल्हू संचालकों को भी नोटिस जारी कर कोल्हुओं की चिमनी को ऊंचा करने के आदेश दिए थे, मगर इस आदेश को कोई पालन नहीं हुआ। अब एनजीटी के आदेश पर क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कोल्हुओं की भी मॉनिटरिंग शुरू कर दी है, मगर विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर सकता है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी विवेक राय का कहना है कि कोल्हू को लेकर विभाग की कोई गाइडलाइन नहीं है। इस कारण कोई मानक भी तय नहीं हैं, फिर भी कोल्हुओं की मॉनिटरिंग की जा रही है।
प्रदूषण नियंत्रण विभाग के खिलाफ प्रदर्शन
रोहाना। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से शुगर मिलों को बंद करने का नोटिस जारी होने के बाद भाकियू ने प्रदूषण नियंत्रण विभाग के खिलाफ प्रदर्शन कर विरोध प्रकट किया। सभी चीनी मिलों को 14 नवंबर तक बंद करने का फरमान जारी होने की सूचना मिलते ही किसानों में उबाल आ गया। शनिवार को भाकियू ब्लाक उपाध्यक्ष संजीव भारद्वाज के नेतृत्व में किसानों ने शुगर मिल पर जाकर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के खिलाफ प्रदर्शन कर आक्रोश प्रकट किया। इसके बाद किसानों का प्रतिनिधिमंडल गन्ना सचिव नरेश कुमार से मिला और किसानो को पर्ची जारी करने की मांग की। किसानों कहा कि किसी भी सूरत में मिल बंद नहीं होनी दी जाएगी। विरोध प्रदर्शन करने वालों में आदेश, डॉ प्रमोद, पारस, मणिकांत भारद्वाज, लियाकत, डॉ अमित, प्रवेश, मनोज त्यागी, पंकज भगत, काला, राम, अनुज त्यागी आदि शामिल रहे।
मंसूरपुर डिस्टलरी हुई बंद
मंसूरपुर। मंसूरपुर डिस्टलरी के प्रशासनिक प्रबंधक सुनील जैन ने बताया कि एनजीटी के आदेशों के अनुसार मंसूरपुर डिस्टलरी भी 14 नवंबर तक के लिए बंद कर दी गई है। दिल्ली में प्रदूषण को देखते हुए एनजीटी ने एनसीआर में आने वाली औद्योगिक इकाइयों को 14 नवंबर तक बंद रखने के आदेश दिए हैं। इसी आदेश का पालन करते हुए मंसूरपुर डिस्टलरी को बंद किया गया है।